मपी-1 और एमपी-2 रोड नहीं हो सकती सिग्नल फ्री
सीआरआरआई ने किया सर्वे, नोएडा प्राधिकरण को सौंपी रिपोर्ट, एविलेटेड रोड विकल्प;
नोएडा। नोएडा की दो मास्टर प्लान सड़कों को सिग्नल फ्री नहीं किया जा सकता है। इसमें तकनीकी पेच फंस गया है। सीआरआरआई ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी नोएडा प्राधिकरण को दी है।
इसमें कहा गया कि दोनों ही मुख्य सड़कों को सिग्नल फ्री करने में ट्रैफिक फ्लोट पर असर होगा। जाम की समस्या बढ़ जाएगी। नए विकल्प के लिए दोनों की रोड्स का ड्रोन सर्वे कराया जाएगा।
चौड़ा मोड़ के जंक्शन को नहीं किया जा सकता बंद
नोएडा की एमपी-1 रोड दिल्ली को सीधे नोएडा से जोड़ती है। वहीं एमपी-3 एनएच-24 को नोएडा से जोड़ती है। इन दोनों रोड पर शहर का शहर का सबसे ज्यादा ट्रैफिक होता है। प्राधिकरण का मत था कि दोनों रोड्स को सिग्नल फ्री किया जाए। इसके लिए एमपी-1 रोड पर पांच यूटर्न बनाने का प्रस्ताव दिया गया। जिसमे से तीन यू टर्न बना दिया गए है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाई गई। लेकिन सीआरआरआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चौड़ा मोड़ की रेडलाइट को बंद नहीं किया जा सकता है। यहां एडोब और सेक्टर-12 की ओर से हैवी ट्रैफिक फ्लोट करता है। यहां यू टर्न दिया तो बोटेलनेक होगा जाम की स्थति बन जाएगी। अब इस सड़क पर यातायात को जाम मुक्त बनाने के लिए ड्रोन सर्वे किया जाएगा।
स्मार्ट रोड एमपी-3 के सिग्नल फ्री का रोड़ा
नोएडा में एमपी-3 रोड सेक्टर-37 से एनएच-24 को जाती है। इस रोड पर शशि चौके पास करीब 1200 मीटर लंबी (पायलेट प्रोजेक्ट) स्मार्ट रोड बनाई जा रही है। इस प्रोजेक्ट में मॉडल सिग्नल को शामिल किया गया है। इसके अलावा रोड पर होशियारपुर को कट को बंद करने का विरोध वहां के स्थानीय निवासी कर रहे है। जिसके चलते इस रोड को सिग्नल फ्री नहीं किया जा सकता। सीआरआरआई ने प्राधिकरण को इसके बारे में जानकारी दी।
एलिवेटड ही विकल्प
एमपी-1 रोड पर 2012 में भविष्य में ट्रैफिक फ़्लोट को देखते एलिवेटड रोड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। ये रोड सेक्टर-19 जंक्शन से उठकर 12-22 टी प्वाइंट तक आगे सेक्टर-55 तक बनाई जानी थी। लेकिन बजट कम होने से इस प्लान को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब प्राधिकरण इस योजना पर दोबारा से काम शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा लेबर चौक से एनआईबी चौकी तक भी एलिवेटड का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहां भी एलिवेटेड बनने से दिल्ली से एनएच-24 तक सिग्नल फ्री हो जाएगा।
ये हो सकती है कार्यवाही
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त होटल, रेस्टोरेन्ट, क्लब एवं मैरिज हॉल के प्रबंधकों का यह भी आह्वान किया कि आबकारी विभाग से ऑकेजनल बार लाइसेंस लिए बिना किसी भी परिस्थिति में शराब नहीं परोसी जाए। यदि कोई ऑकेजनल बार लाइसेंस लिए बिना या दूसरे राज्य की शराब परोसते पाया गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर प्रशासन से मिले अन्य लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाएगा।