अपुष्ट आंकड़ों से जनता को बरगला रहे मोदी
लखनऊ ! समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर भाषण अपुष्ट आंकड़े पर आधारित होता है।;
लखनऊ ! समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर भाषण अपुष्ट आंकड़े पर आधारित होता है। उत्तर प्रदेश के बारे में उनकी जानकारियां अधकचरी और गलत सूत्रों पर आधारित होती है। अपने चुनाव भाषणों में उन्होंने सभी लोकतांत्रिक मर्यादाएं ताक पर रख दी हैं। वह नफरत की राजनीति करते हैं और अफवाह बाजी के सहारे जनता को बरगलाकर चुनावों को प्रभावित करना चाहते हैं।
लेकिन जागरूक जनता उन्हें सबक सिखाएगी और फिर से अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कानून व्यवस्था का सवाल उठाते हैं लेकिन उप्र में अपराध की बात करने वाले मोदी अपने अधीनस्थ दिल्ली का रिकार्ड देख लें।
दिल्ली पुलिस ने माना है कि वहां हर घंटे एक महिला अपराध की घटना होती है। हर घंटे चोरी की 18 घटनाएं दर्ज हुई है। एनसीआरबी के अनुसार मोदी सरकार बनने के बाद 2015 में देश में किसान आत्महत्याओं में 42 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें प्रथम स्थान पर भाजपा शासित राज्य है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, आदि भाजपा शासित राज्य है। अपराध के मामलों में इनके रिकार्ड सबसे ऊपर है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की स्थिति चाक चैबंद करने के लिए 100 नं. डायल सर्विस शुरू की। इसके जरिए पूरे प्रदेश के हाई-वे की निगरानी भी हो रही है। महिलाओं से छेड़छाड़ की शिकायतों पर 1090 सेवा कारगर है। 4-मोदी बार-बार दुष्कर्म की घटनाओं का जिक्र करते है। समाजवादी पार्टी इस संवेदनशील मसले पर सियासत नहीं करना चाहती हैं लेकिन प्रधानमंत्री अच्छा हो अपने भाजपा शासित राज्यों का आईना देख लें। मध्य प्रदेश में रेप के 4 हजार 391 मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में दुष्कर्म के 4 हजार 444 मामले दर्ज हुए, राजस्थान में दुष्कर्म के 3 हजार 644 मामले दर्ज हुए, मुंबई क्राइम के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है। सन् 2015 में बच्चों के साथ अपराध के कुल 13, 921 मामले दर्ज हुए जबकि 2014 में (जब भाजपा सरकार नहीं थी) यह आंकड़ा 8,115 था।
चुनावी भाषणों में लोकतांत्रिक मर्यादाएं ताक पर