अपने देशों की प्राथमिकताओं को भारत के विकास से जोड़ें प्रवासी सांसद: कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के विकास को समूची मानवता के हित में बताते हुए भारतवंशी समुदाय के सांसदों का आज आह्वान किया।

Update: 2018-01-10 13:53 GMT

नयी दिल्ली।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के विकास को समूची मानवता के हित में बताते हुए भारतवंशी समुदाय के सांसदों का आज आह्वान किया कि वे अपने अपने देशों की प्राथमिकताओं को भारत के विकास से जोड़ने में भूमिका निभाएं।

 कोविंद ने यहां अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद -भारत द्वारा प्रवासी सांसदों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत के विकास में समस्त वैश्विक समुदाय और समूची मानव सभ्यता की हिस्सेदारी है। सांसद होकर अपने देशों के सार्वजनिक जीवन में योगदान देने वाले भारतवंशियों को भारत की बेहतर समझ है।

उन्होंने कहा, “इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप अपने अपने देशों की प्राथमिकताओं को भारत के विकास से जोड़ें।” उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। अगले कुछ दशकों में हमारी अर्थव्यवस्था और आगे बढ़ेगी। हम एक नये भारत के उदय के करीब हैं -एक ऐसे भारत जहां 2022 में हमारी आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हम अपने लोगोंं के लिये कई उपलब्धियों को हासिल करेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे समय में भारत में निवेश, व्यापार एवं विकास की असीम संभावनाएं हैं। भारत का विकास ना केवल भारत के 1.3 अरब लोगों के लाभ के लिए बल्कि यह हमारे साझे विश्व की अाशा एवं समृद्धि तथा शांति एवं स्थिरता के लिए भी है। निश्चित रूप से अापके (प्रवासी सांसदों के) देशों की प्रगति के लिये भी भारत का विकास महत्वपूर्ण हैं।

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