द्वारका-नजफगढ़ ग्रे लाइन पर मेट्रो सेवा की शुरुआत
हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यहां मेट्रो भवन से बाहरी दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र को द्वारका उप शहर से जोड़ने वाले दिल्ली मेट्रो के द्वारका-नजफगढ़ कॉरिडोर का उद्घाटन किया
नयी दिल्ली। केन्द्रीय शहरी आवास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यहां मेट्रो भवन से बाहरी दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र को द्वारका उप शहर से जोड़ने वाले दिल्ली मेट्रो के द्वारका-नजफगढ़ कॉरिडोर का उद्घाटन किया।
संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने इस लाइन को सुरक्षा मंजूरी का प्रमाणपत्र 26 सितंबर को जारी किया था ।
इस कॉरिडोर की लंबाई 4.29 किलोमीटर है और इसे मिलाकर अब दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की लंबाई बढ़कर 377 किलोमीटर हो गयी है। कॉरिडोर में 2.75 किलोमीटर एलिवेटिड तथा 1.54 किलोमीटर भूमिगत (अंडरग्राउंड) मार्ग है। इस कॉरिडोर में द्वारका, नंगली और नजफगढ़ तीन स्टेशन हैं। शाम पांच बजे से यह लाइन आम जनता के लिए खुल जाएगी।
इस कॉरिडोर पर द्वारका से ट्रेनों को बदलने की सुविधा है और यह स्टैंडर्ड गेज लाइन है और इसे ग्रे लाइन के नाम से जाना जाएगा।
इसे मिलाकर अब दिल्ली मेट्रेा का विस्तृत नेटवर्क हो गया है और स्टेशनों की संख्या बढ़कर 274 हो गई है तथा कुल मिलाकर 336 ट्रेन दिल्लीवासियों की सेवा कर रही है। इस कॉरिडोर का काम चार वर्षों में पूरा हुआ है और इस लाइन पर काम करना मेट्रो इंजीनियरों के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। यहां बहुत आबादी है इसलिए कईं स्थानों पर यातायात सुचारू रूप से जारी रखने के लिए मेट्रो ने सड़कों पर मार्शल भी नियुक्त किए थे।
ग्रे लाइन पर सोलर पावर का इस्तेमाल सामान्य कार्याें के लिए किया जाएगा लेकिन ट्रेनों का परिचालन बिजली से ही होगा। फिलहाल इस लाइन पर साढ़े सात मिनट में एक ट्रेन चलाई जाएगी और यहां के लिए कुल तीन ट्रेनों को परिचालन के लिए लगाया गया है तथा एक अन्य बाद में आएगी। इस कोरिडोर को बढ़ाकर ढांसा बस स्टैंड तक पूरा किया जाएगा और इसके 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है।
दिल्ली मेट्रो में भी अब प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा तथा मेट्रो स्टेशनों पर सभी आऊटलेट में यह नियम लागू रहेगा ।