जो लोग हमारे साथ आए हैं, उनकी अपनी एक ताकत है : संजय निरुपम
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आदित्य ठाकरे के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो भी लोग हमारी टिकट से जीतकर आते हैं, अगर उन्हें भाजपा से टिकट मिले, तो वो जीत नहीं पाएंगे।;
मुंबई। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आदित्य ठाकरे के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो भी लोग हमारी टिकट से जीतकर आते हैं, अगर उन्हें भाजपा से टिकट मिले, तो वो जीत नहीं पाएंगे।
संजय निरुपम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जितने भी लोग हमारे साथ आए हैं, उन सभी लोगों की अपनी एक ताकत है। उनका अपना एक राजनीतिक अस्तित्व है। जब वो चुनावी मैदान में उतरेंगे, तो उन्हें शिवसेना और भाजपा की ओर से मदद मिलेगी। ऐसी स्थिति में अब बेहतर रहेगा कि कोई दूसरा इसे लेकर किसी भी प्रकार का सपना नहीं देखे।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बाला साहेब ठाकरे और हिंदुत्व के विचारों को तिलांजलि दी, उनसे बड़ा गद्दार कौन हो सकता है? सबसे बड़े गद्दार तो ये लोग हैं।
संजय निरुपम ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता से कोई नहीं रोक सकता है। सभी सांसद और विधायक चाहते हैं कि उनके क्षेत्र में विकास के कार्य हो। उनके मतदाताओं का भला हो। ऐसी स्थिति में अगर सांसद सत्ता के करीब आकर ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ लेना चाहता है, तो इसमें कुछ गलत है क्या?
इसके अलावा, उन्होंने संजय राउत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संजय राउत एक झूठे इंसान हैं। वो हमेशा झूठे प्रचार करते हैं। अगर शिवसेना (यूबीटी) के नेता आ रहे हैं, तो वो इसलिए आ रहे हैं कि उनका भरोसा अपने नेता पर से टूट रहा है। उनका नेता निष्क्रिय हो चुका है। वो सिर्फ मातोश्री में बैठकर सरकार चलाना चाहता है। इसी वजह से लोग उनकी पार्टी को छोड़ रहे हैं। इसमें पैसे की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं यह बात काफी पहले ही कह चुका हूं कि 2029 आते-आते उद्धव ठाकरे की पार्टी समाप्त हो जाएगी, क्योंकि जिस तरह से वो पार्टी चला रहे हैं, उसे लेकर आम लोगों में असंतोष है। बाकी जो नेता और सांसद हैं, वो भी छोड़कर चले जाएंगे। अंत में सिर्फ संजय राउत और उद्धव ठाकरे ही पार्टी में रहेंगे।