मुंबई के शिवाजी पार्क में ठाकरे बंधुओं का शक्ति प्रदर्शन, अदाणी समूह के विस्तार पर तीखा हमला

राज ठाकरे ने मंच से भारत, महाराष्ट्र और बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र का नक्शा दिखाया। उन्होंने दावा किया कि साल 2014 के बाद से इन क्षेत्रों में अदाणी समूह की परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।

Update: 2026-01-11 21:22 GMT
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएनसी ) चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे करीब 20 साल बाद एक मंच पर नजर आए। संयुक्त सभा में ठाकरे बंधुओं ने जहां मराठी पहचान और मुंबई पर कथित संकट की बात की, वहीं अदाणी समूह के बढ़ते विस्तार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।

इस सभा की एक अहम राजनीतिक तस्वीर यह भी रही कि मंच पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल भी मौजूद थे। यह तब है, जब पिछले सप्ताह ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार के आमंत्रण पर अदाणी समूह के प्रमुख उनके गृह नगर बारामती पहुंचे थे। ऐसे में मंच पर अदाणी के खिलाफ तीखे भाषण और जयंत पाटिल की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

20 साल बाद साथ आए ठाकरे बंधु
शिवाजी पार्क की इस रैली को राजनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है। करीब दो दशक बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच साझा करते दिखे। अपने संबोधन में दोनों नेताओं ने साफ किया कि उनका साथ किसी राजनीतिक मजबूरी का परिणाम नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह गठबंधन मुंबई पर आए संकट और मराठी अस्मिता की रक्षा के लिए किया गया है। उन्होंने इसे मराठी मान-सम्मान और अधिकारों की लड़ाई करार दिया।

राज ठाकरे का अदाणी समूह पर सीधा हमला
सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मंच से भारत, महाराष्ट्र और बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र का नक्शा दिखाया। उन्होंने दावा किया कि साल 2014 के बाद से इन क्षेत्रों में अदाणी समूह की परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। राज ठाकरे ने कहा कि आज बिजली, सीमेंट और विमानतल जैसी बुनियादी सेवाओं पर अदाणी समूह का कब्जा हो चुका है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर कल को बिजली बंद कर दी जाए तो हम अंधेरे में डूब जाएंगे। अगर सीमेंट महंगी कर दी गई तो आम आदमी कुछ नहीं कर पाएगा।”

वाढवन परियोजना को लेकर जताई चिंता
राज ठाकरे ने गुजरात सीमा से सटे महाराष्ट्र के बढ़वन (वाढवन) इलाके में प्रस्तावित बंदरगाह और विमानतल परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय विमानतल की कार्गो सेवाओं को बढ़वन स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। राज के मुताबिक, यह सिर्फ एक परियोजना नहीं बल्कि धीरे-धीरे मुंबई की आर्थिक और रणनीतिक अहमियत को कम करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र और अंततः मुंबई को भी गुजरात में मिलाने जैसी योजनाएं चल रही हैं।

नवी मुंबई एयरपोर्ट और पुराने एयरपोर्ट पर सवाल
मनसे प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अदाणी द्वारा ही बनाए गए नए मुंबई एयरपोर्ट में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बाद शिवाजी पार्क से करीब 15 गुना बड़े क्षेत्र में फैले छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय विमानतल को बेचने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि यह सब मुंबई की संपत्तियों को धीरे-धीरे एक कॉरपोरेट समूह के हाथों में सौंपने का हिस्सा है।

उद्धव ठाकरे का भाजपा और फडणवीस पर हमला
अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे की बातों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पर ले जाती है। उद्धव ठाकरे ने चुनौती देते हुए कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपना कोई एक भाषण दिखा दें, जिसमें हिंदू-मुस्लिम का जिक्र न हो। अगर ऐसा हुआ तो मैं उन्हें एक लाख रुपये इनाम दूंगा।”

संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन की दिलाई याद
उद्धव ठाकरे ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र में रखने के लिए हुए इस ऐतिहासिक आंदोलन में जनसंघ कहीं नजर नहीं आया था। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में एक मुस्लिम कवि और गायक अमर शेख ने ‘जाग मराठा’ गीत गाकर हिस्सा लिया था। उद्धव ने कहा कि आज अगर वह अमर शेख को याद करते हैं या कांग्रेस से गठबंधन करते हैं तो उन्हें पाप कहा जाता है। जबकि भाजपा पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का समर्थन करे तो उसे सही ठहराया जाता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “तुम्हारा प्रेम अमर प्रेम है, हमारा प्रेम लव जिहाद है।”

मनपा चुनाव से पहले सियासी संदेश
शिवाजी पार्क की यह सभा साफ तौर पर आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक संदेश मानी जा रही है। ठाकरे बंधुओं का एक साथ आना, मराठी अस्मिता का मुद्दा और अदाणी समूह पर सीधा हमला इन सभी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मंच से दिया गया संदेश मुंबई की सियासत और मनपा चुनाव के समीकरणों को किस दिशा में मोड़ता है।

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