रामदास आठवले का पलटवार: पृथ्वीराज चव्हाण अच्छे आदमी, लेकिन भाषा पर संयम रखें
Ramdas Athawale retaliates: Prithviraj Chavan is a good man, but he should exercise restraint in his language.
दिल्ली दंगे पर टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर विपक्ष पर निशाना
- ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ पर हमला, आठवले बोले– संविधान रहते देश के टुकड़े नहीं हो सकते
- जेएनयू छात्रों को नक्सलवाद छोड़ने की सलाह, अंबेडकरवाद अपनाने का आह्वान
- बांग्लादेश में आईपीएल बैन पर प्रतिक्रिया, आठवले बोले– क्रिकेट प्रेमी जनता बदल देगी फैसला
मुंबई। दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की बेल रद्द होने के बाद हुई नारेबाजी पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने पलटवार किया है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
रामदास आठवले ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दंगे में कई लोगों की जान गई थी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उमर खालिद छात्र था, लेकिन इस तरह की घटना में शामिल नहीं होना चाहिए था। इस दंगे में इन लोगों का भी रोल था और इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने बेल देने से इनकार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ इस तरह के नारे देने से कुछ नहीं होने वाला है। उनके साथ देश की जनता है।
उन्होंने यह भी कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग के टुकड़े हो रहे हैं। भारत के टुकड़े करना संभव नहीं है। जब तक बाबा साहेब का संविधान है, तब तक देश के टुकड़े नहीं हो सकते। बाबा साहेब को मानने वाली जनता खुद के टुकड़े करवा सकती है, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने देगी। इस गैंग को संविधान को ध्यान में रखना चाहिए। पीएम मोदी ने देश का विकास किया है। उनके लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
जेएनयू के लेफ्टिस्ट छात्रों के बारे में उन्होंने कहा कि नक्सली सरेंडर कर रहे हैं, उनका खात्मा हो रहा है। उन्हें यह समझना चाहिए कि इस मार्ग पर चलने से किसी को न्याय नहीं मिलने वाला है। जो लोग आदिवासियों और गरीबों को न्याय देना चाहते हैं, उन्हें नक्सलवाद छोड़कर अंबेडकरवाद अपनाना चाहिए। उन्हें मेरा आह्वान है कि वे मेनस्ट्रीम से जुड़ें। विचारधारा के खिलाफ लड़ाई हो सकती है, लेकिन देशविरोधी नारेबाजी नहीं करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें इसी तरह के बयान देने के लिए रखा हुआ है। वह एक अच्छे आदमी हैं, महाराष्ट्र के सीएम और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का मामला उनका आंतरिक मामला है, लेकिन भारत के साथ ऐसा कभी नहीं हो सकता। ऐसा करने की ताकत किसी में नहीं है। मुझे लगता है कि पृथ्वीराज चव्हाण को गलत बात नहीं करनी चाहिए। यह भारत का अपमान है। उन्हें केंद्र सरकार का साथ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी डरी हुई है। उन्हें कहीं सफलता नहीं मिल रही है। इसीलिए इस तरह के बयान देकर पब्लिसिटी पाना चाहते हैं। राहुल गांधी पीएम मोदी के खिलाफ बोलते रहते हैं, अब वैसी ही जिम्मेदारी पृथ्वीराज चव्हाण को दे दी गई है।
बांग्लादेश में आईपीएल बैन किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह उनका फैसला है। आईपीएल दुनिया भर में प्रसिद्ध है और इसमें बांग्लादेश के खिलाड़ी खेलते रहे हैं। पहले उनकी टीम मजबूत नहीं थी, लेकिन अब वह मजबूत हो गई है। बांग्लादेश के एक खिलाड़ी को आईपीएल में नहीं लिया गया तो उनकी यह प्रतिक्रिया आई है। किसको टीम में लेना है और किसको नहीं, यह टीम के मुखिया का काम होता है। इसके पीछे बांग्लादेश का विरोध कारण नहीं है। उनका स्टैंड गलत है।
आठवले ने कहा कि बांग्लादेश के लोग ही आईपीएल देखने के लिए सरकार से बैन हटाने की मांग करेंगे। जैसे पहले हिंसा और आंदोलन हो चुके हैं, वैसा फिर से हो सकता है। बांग्लादेश के लोग क्रिकेट प्रेमी हैं। जिस तरह नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगाए जाने के बाद लोग सड़क पर उतर गए थे, उसी तरह बांग्लादेश में युवा सड़क पर उतरे और सत्ता बदल दी। अब सरकार के इस निर्णय को भी लोग बदल देंगे।