नसीम सिद्दीकी ने भाजपा पर झूठे चुनावी वादे करने का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है
मुंबई। पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। इस बीच भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को 3,000 रुपए प्रतिमाह देने का घोषणा की है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (एसपी) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने शनिवार को भाजपा पर निशाना साधा और चुनावी वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।
एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा, "यह पूरी तरह से राजनीतिक घोषणा पत्र है। भाजपा जो कहती है, वह जीवन में कभी नहीं करती है। उन्होंने महिलाओं को 3,000 रुपए देने की बात कही है। इससे पहले महाराष्ट्र में 1,500 रुपए लाडली बहनों को देने का वादा किया था और 2024 में वादा किया था कि अगर हम सत्ता में आए तो 1500 को 3000 रुपए करेंगे, लेकिन वर्तमान में 80 लाख महिलाओं के नाम योजना से काट दिए गए हैं। उनपर विश्वास करने की जरूरत नहीं है। वह झूठी सरकार है।"
उन्होंने यूसीसी लागू करने के बयान पर कहा कि यूसीसी लागू करना उनका सांप्रदायिक एजेंडा है। वह पूरे देश में इसे लागू कर रहे हैं। एसआईआर हो, यूजीसी हो, पहले वह एक बार तय कर लें कि उन्हें क्या करना है? जहां एक ओर वह गौ-हत्या रोकने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही राज्य में गौ-हत्या हो रही है। दुनिया में मीट एक्सपोर्ट के मामले में भारत दूसरे नंबर का देश है, जिसमें 2014 के बाद 50 प्रतिशत का उछाल आया है। ऐसे में उनके करनी और कथनी में बहुत फर्क है, जिसपर लोगों को विश्वास नहीं करना चाहिए। मुझे विश्वास है कि पश्चिम बंगाल के लोग ममता सरकार को एक बार फिर मौका देंगे।
उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पर्याप्त पैसा नहीं होने पर योजना के रोकने वाली टिप्पणी का समर्थन किया और कहा, "सरकार जनता के पैसे को टैक्स में उड़ा रही है। कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं। सरकार को मुफ्त की रेवड़ियों को बांटना बंद करना चाहिए। अगर कोई आपातकालीन परिस्थिति आती है, जैसे किसानों पर संकट आया, बारिश हुई, ओले पड़े तो उस समय भरपूर मदद की जानी चाहिए, लेकिन मदद के नाम पर लोगों की आदत बिगाड़ने और फ्री खाने की जो प्रवृत्ति बढ़ रही है, उसपर रोक लगानी चाहिए, क्योंकि इससे देश पीछे जाएगा।"
उन्होंने नृपेंद्र मिश्रा के हालिया बयान पर कहा, "मुलायम सिंह के दौर में जब गोली चली थी, उस समय कल्याण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में खुद इस बात का हलफनामा दिया था कि बाबरी मस्जिद सुरक्षित रहेगी, उस पर कोई चोट नहीं आएगी, लेकिन उनके कारसेवकों द्वारा उस नियम को तोड़ा गया। मुझे लगता है कि उस समय जो परिस्थितियां थीं, मुलायम सिंह ने जो निर्णय लिया, वह योग्य निर्णय था।"