केतन हत्याकांड: बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए पीएम मोदी को मां की भावुक चिट्ठी, बोलीं- 'रक्षाबंधन पर बेटी से क्या कहूंगी?'

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में बेटे की मौत से आहत मां ने पीएम नरेंद्र मोदी को भावुक पत्र लिखकर दोषियों को जल्द कड़ी सजा दिलाने की मांग की। रक्षाबंधन से पहले परिवार के दर्द को किया साझा।;

Update: 2026-07-14 09:04 GMT

पुणे। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन घटना के करीब एक महीने बाद भी अंतिम न्याय नहीं मिलने से परिवार का दर्द कम नहीं हुआ है। इसी बीच केतन की मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भावुक पत्र लिखकर मामले में जल्द और सख्त न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लगातार टूटता जा रहा है और अब उन्हें केवल न्याय की उम्मीद है।

मां ने लिखा- कभी नहीं सोचा था कि बेटे के लिए न्याय मांगना पड़ेगा

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में राखी अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए उन्हें देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखना पड़ेगा। उन्होंने लिखा कि हर मां की तरह उन्होंने भी अपने बेटे को सफल जीवन जीते, शादी करते और परिवार के साथ खुशहाल भविष्य बिताते देखने का सपना देखा था, लेकिन अब उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार करना पड़ा।

उन्होंने पत्र में कहा कि बेटे की हत्या ने उनकी पूरी दुनिया बदल दी है। घर का हर कोना, उसकी तस्वीरें, कपड़े और यादें उन्हें हर दिन उस दर्द का एहसास कराती हैं कि उनका बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा।

परिवार को लगा दूसरा बड़ा सदमा

राखी अग्रवाल ने पत्र में बताया कि केतन की मौत के करीब 20 दिन बाद उनके ससुर का भी निधन हो गया। उन्होंने लिखा कि दादा अपने पोते से बेहद स्नेह करते थे और उसके जाने का दुख सहन नहीं कर सके। कुछ ही दिनों के भीतर परिवार ने दो पीढ़ियों को खो दिया, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

'सहानुभूति नहीं, सिर्फ न्याय चाहिए'

केतन की मां ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी विशेष कृपा या सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है। उनकी केवल एक मांग है कि बेटे की हत्या के दोषियों को कानून के अनुसार कठोर से कठोर सजा मिले। उनका कहना है कि न्याय मिलने में जितनी देरी हो रही है, परिवार का दर्द उतना ही बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने लिखा कि केतन अब वापस नहीं आ सकता, लेकिन यदि दोषियों को समय पर सजा मिलती है तो इससे न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

'मेरे बेटे को सिर्फ एक केस फाइल मत बनने दीजिए'

पत्र में राखी अग्रवाल ने भावुक शब्दों में कहा कि केतन केवल एक केस नंबर नहीं था। वह किसी का बेटा, भाई और पोता था, जबकि उनके लिए पूरी दुनिया था। उन्होंने कहा कि हर रात वह बेटे की तस्वीर देखकर यही कहती हैं कि वह आज भी उसके लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं और एक दिन उसे यह कह सकें कि उसे इंसाफ मिल गया।

रक्षाबंधन का जिक्र कर हुईं भावुक

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में भी केतन की मां अपने बेटे की तस्वीर के सामने भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन आने वाला है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अपनी बेटी से क्या कहें। उन्होंने कहा कि भाई के बिना रक्षाबंधन कैसे मनाया जाएगा और पूरा परिवार इस घटना से बिखर चुका है।

उन्होंने बताया कि केतन अपनी शादी की तैयारियों को लेकर बेहद उत्साहित था और भविष्य के कई सपने देख रहा था। घटना वाले दिन भी उसने परिवार के साथ समय बिताया और सामान्य बातचीत की थी। अब एक महीने बाद भी उन्हें ऐसा लगता है कि बेटा उन्हें पुकार रहा है, लेकिन उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।

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