महाराष्ट्र : महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा शुरू, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने की घोषणा
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में कार्यरत महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ योजना की घोषणा की है
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में कार्यरत महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ योजना की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने मंगलवार को विधान परिषद में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हुई विशेष चर्चा के दौरान यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इस योजना से महिलाओं को पीक आवर में यात्रा की असुविधा से राहत मिलेगी और कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा।
सुनेत्रा पवार ने कहा, "राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। 'कम अर्ली–गो अर्ली' व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच कार्यालय पहुंचकर काम शुरू कर सकती हैं। जितने मिनट वे पहले आएंगी, उतने ही मिनट उन्हें शाम को पहले निकलने की अनुमति मिलेगी। अधिकतम 30 मिनट तक की यह छूट महिलाओं को ट्रैफिक और यात्रा की परेशानी से बचाएगी।"
उपमुख्यमंत्री ने विधान परिषद में सदस्यों के सुझावों का आभार जताया और कहा कि सरकार इन सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार कर रही है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कई अन्य कदमों की जानकारी भी दी। 'ऑपरेशन मुस्कान' अभियान के तहत जुलाई 2015 से फरवरी 2026 तक 14 अभियान चलाए गए, जिनमें 42,594 लापता बच्चों का पता लगाया गया।
'ऑपरेशन शोध' के माध्यम से 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को खोजा गया है। राज्य में सभी जिलों में 'मिसिंग सेल' और 51 'भरोसा सेल' स्थापित हैं।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लाडकी बहिन, नमो महिला सशक्तिकरण, लेक लाडकी, अन्नपूर्णा और लखपति दीदी जैसी योजनाएं चल रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को उमेद मॉल, उमेद मार्ट और महालक्ष्मी सरस जैसे प्लेटफॉर्म पर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन उत्पादों को ऑनलाइन भी बेचा जा रहा है।
आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय व सुविधाओं पर सरकार सकारात्मक है। राज्य के 17,254 आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है—छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, चर्चगेट और बोरीवली स्टेशनों पर साइबर अपराध रोकने की विशेष व्यवस्था है। महिला कर्मचारियों को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश और आवश्यकता पर एक वर्ष तक आधे वेतन पर अतिरिक्त अवकाश की सुविधा है।
राज्य में चौथी महिला नीति लागू है और इसके क्रियान्वयन के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘आदिशक्ति अभियान’ चल रहा है, जिसका लक्ष्य बाल विवाह रोकना, अत्याचारमुक्त गांव बनाना और लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर कम करना है।
सुनेत्रा पवार ने कहा, "महिलाओं का सशक्तिकरण केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक स्तर पर भी होना चाहिए। जिजाबाई, सावित्रीबाई फुले, अहिल्याबाई होलकर और महारानी ताराबाई से प्रेरणा लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।" उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।