महाराष्ट्र में बारिश का महाकहर: 13 की मौत, 100 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त, मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद; कई जिलों में रेड अलर्ट

महाराष्ट्र में भारी बारिश से 13 लोगों की मौत, मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, पहाड़ी इलाकों में रेड अलर्ट और एनडीआरएफ का राहत अभियान जारी।;

Update: 2026-07-07 06:05 GMT
मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मुंबई, रायगढ़, ठाणे, रत्नागिरी, पालघर और सिंधुदुर्ग समेत कई जिलों में भारी बारिश के चलते बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने मुंबई में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला किया है। वहीं मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, भारी बारिश के कारण करीब 100 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।

मुंबई में सबसे ज्यादा असर, कई इलाकों में जलभराव

राजधानी मुंबई में लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मानखुर्द इलाके में एक इमारत झुग्गी बस्ती पर गिरने से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके अलावा उपनगरीय क्षेत्र में पेड़ गिरने से भी एक व्यक्ति की जान चली गई।

मौसम विभाग के अनुसार मुंबई में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

नदियां उफान पर, कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा

लगातार बारिश के चलते राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। उल्हास, कालू और पिंजल नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि अंबा, सावित्री, कुंडलिका, पातालगंगा और जगबुडी नदियां भी उफान पर हैं। इसके चलते बदलापुर, मोहाने और जांभुलपाड़ा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 48 घंटों में लोनावला में 625 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि रायगढ़, ठाणे, रत्नागिरी, पालघर और मुंबई के विभिन्न हिस्सों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

पहाड़ी इलाकों में रेड अलर्ट, भूस्खलन की आशंका

माथेरान, लोनावला, खोपोली और लोहागढ़ जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। सतारा जिले में भूस्खलन की एक घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं।

पुणे जिले के मावल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक मकान प्रभावित हुआ, जहां चार लोग फंस गए थे। राहत दल ने समय रहते उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एनडीआरएफ ने बचाई कई लोगों की जान

तलेगांव-दाभाड़े के पास बाढ़ के पानी में 25 यात्रियों से भरी बस फंस गई थी। एनडीआरएफ की टीम ने सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया। वहीं रायगढ़ जिले की सुधागढ़ तहसील में एक परिवार के छह सदस्य, जिनमें छह महीने का शिशु भी शामिल था, घर की छत पर फंस गए थे। राहतकर्मियों ने नाव के जरिए सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

हाईवे और यातायात प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते मुंबई-गोवा हाईवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और खोपोली मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने मलबा हटाकर अधिकांश मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया है, जबकि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में अब भी निगरानी जारी है।

दूसरी ओर विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों—वर्धा, अकोला, अमरावती, यवतमाल और चंद्रपुर—में अभी भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे वहां के किसान मानसून की अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।

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