छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को स्पष्ट किया कि CJP अभी राजनीतिक दल नहीं बनेगी, बल्कि एक मजबूत जन दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश को किसी नई राजनीतिक पार्टी से ज्यादा ऐसे संगठन की जरूरत है, जो जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा सके।
‘राजनीतिक पार्टी बनते ही आंदोलन कमजोर हो जाता’
छत्रपति संभाजीनगर में CJP की दो दिवसीय रणनीति बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि संगठन शुरुआत से ही राजनीतिक पार्टी बनने की दिशा में जाता, तो उसका मूल आंदोलन कमजोर हो सकता था। उन्होंने कहा कि CJP के आंदोलन को सफलता इसलिए मिली क्योंकि इसमें अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोग लोकतंत्र और जनहित से जुड़े मुद्दों पर एक साथ आए। दीपके के मुताबिक, संगठन का उद्देश्य फिलहाल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को प्रभावी तरीके से उठाना है। उन्होंने कहा कि देश को इस समय एक ऐसे मजबूत मंच की आवश्यकता है, जो सरकार और संस्थाओं से जवाबदेही की मांग कर सके।
दो दिवसीय बैठक में संगठन विस्तार पर चर्चा
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की दो दिन की बैठक बुधवार से शुरू हुई। इस बैठक में संगठन के भविष्य की रणनीति, जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा और देशभर में संगठन को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की जा रही है। अभिजीत दीपके ने बताया कि बैठक में शिक्षा व्यवस्था, E20 पेट्रोल नीति और अन्य जन मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा यह तय किया जाएगा कि संगठन को अलग-अलग राज्यों में कैसे सक्रिय किया जाए और युवाओं तक कैसे पहुंच बनाई जाए।
झारखंड छात्र आंदोलन को समर्थन
CJP ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द झारखंड जाएगा और वहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर के युवाओं में चिंता है और CJP छात्रों की मांगों को समर्थन देती है। संगठन ने कहा कि वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही आवाजों के साथ रहेगा।
‘लोगों का संस्थाओं पर भरोसा कम हुआ’
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP को मिला समर्थन केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं था। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में लोग राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति भरोसा कमजोर हुआ है और इसे मजबूत करने के लिए व्यापक जन भागीदारी वाले आंदोलनों की जरूरत है। दीपके ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जनता का सक्रिय होना जरूरी है और सरकारों को जन मुद्दों पर जवाबदेह बनाने के लिए सामाजिक दबाव की भूमिका अहम है।
देशभर में विस्तार की तैयारी
CJP की बैठक में संगठन के राष्ट्रीय विस्तार को लेकर भी चर्चा हो रही है। संगठन का कहना है कि वह युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में संवाद अभियान चलाएगा। दीपके ने कहा कि CJP का लक्ष्य केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए दबाव बनाना है। इसके लिए संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों की राय भी लेगा।
राजनीति से दूरी, आंदोलन पर फोकस
CJP का यह फैसला ऐसे समय आया है जब संगठन के भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि फिलहाल संगठन चुनावी राजनीति में प्रवेश नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि CJP अभी एक जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के रूप में अपनी भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में संगठन का फोकस युवाओं, शिक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं और जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।