दिशा सालियान केस में नया मोड़, पिता ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को भेजा 500 करोड़ का मानहानि नोटिस

नोटिस के मुताबिक, सतीश सालियान ने दोनों नेताओं को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है। उनसे स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में माफी को प्रमुख मीडिया संस्थानों में प्रकाशित कराने की बात भी कही गई है।;

Update: 2026-09-17 07:14 GMT

मुंबई: दिवंगत फिल्म मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। कानूनी नोटिस में दोनों नेताओं के कुछ बयानों पर आपत्ति जताते हुए बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने, कथित आपत्तिजनक बयान वापस लेने और 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की गई है। यह नोटिस वकील अनुष्का सोनावणे के माध्यम से भेजे जाने की बात कही गई है।

सात दिन में माफी और हर्जाने की मांग

नोटिस के मुताबिक, सतीश सालियान ने दोनों नेताओं को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है। उनसे स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में माफी को प्रमुख मीडिया संस्थानों में प्रकाशित कराने की बात भी कही गई है। इसके अलावा प्रिंट मीडिया में ए4 आकार का विज्ञापन प्रकाशित कराने और राष्ट्रीय व राज्य स्तर के प्रमुख समाचार चैनलों तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कम से कम तीन मिनट का सार्वजनिक वीडियो माफीनामा जारी करने की मांग रखी गई है।

आदित्य ठाकरे के बयान पर जताई आपत्ति

नोटिस में आदित्य ठाकरे के उस कथित बयान का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दिशा सालियान को नहीं जानते थे और उनसे कभी नहीं मिले थे। उनके अनुसार, कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए उनका नाम दिशा सालियान मामले से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान उस समय सामने आने की बात कही गई है जब सीबीआई ने 2020 में हुई दिशा की मौत के मामले में सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस एफआईआर में फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है।

पिता ने आरोपों को बताया मानहानिकारक

सतीश सालियान के कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने उनकी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया। नोटिस में कहा गया है कि सतीश ने अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के तहत बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। नोटिस के अनुसार, याचिका में कथित परिस्थितियों, विरोधाभासों और दस्तावेजी तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया था। सतीश सालियान का पक्ष है कि उनकी कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताना उनके खिलाफ अनुचित और मानहानिकारक टिप्पणी है।

अनिल देशमुख के पुराने बयान का भी जिक्र

कानूनी नोटिस में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के पिछले वर्ष के एक बयान का भी उल्लेख किया गया है। सतीश सालियान के मुताबिक, देशमुख ने उनकी याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। नोटिस में इन टिप्पणियों को लेकर आपत्ति जताई गई है और कहा गया है कि सतीश सालियान अपनी बेटी की मौत की जांच की मांग कानूनी प्रक्रिया के तहत कर रहे थे। नोटिस में देशमुख के बयान को भी कथित तौर पर दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बताया गया है।

दिशा की मौत को लेकर क्या है पुराना रिकॉर्ड?

दिशा सालियान की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी। पुलिस की जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था। मार्च 2025 में सामने आई मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में भी मौत को आत्महत्या बताया गया और मानसिक परेशानी का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई थी। वहीं, सतीश सालियान लंबे समय से अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग करते रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर मामले की दोबारा जांच की मांग की थी। अदालत में उनके वकील की ओर से दिशा के साथ यौन हिंसा और हत्या से जुड़े आरोप भी लगाए जाने की बात कही गई थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस विवरण में नहीं है।

अब सीबीआई जांच पर निगाह

हाल में सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद इस केस को लेकर फिर चर्चा तेज हुई है। एफआईआर में किसी को आरोपी बनाए जाने की जानकारी नहीं है। अब जांच का प्रमुख सवाल यही है कि सीबीआई के सामने पुराने पुलिस निष्कर्षों से अलग कोई नया और ठोस साक्ष्य आता है या नहीं। वहीं 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस ने मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों पहलुओं को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल नोटिस में लगाए गए आरोप और दोनों नेताओं की आगे की कानूनी प्रतिक्रिया इस मामले की अगली दिशा तय करेगी।

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