दिल्ली में प्रदर्शन के बाद अपने घर पहुंचे अभिजीत दीपके:बोले- सरकार ने ट्रेलर देखा कॉकरोच क्या कर सकते हैं?

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि दिल्ली आने से पहले उन्हें गिरफ्तारी की आशंका थी। उन्होंने कहा कि जब उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने वाला था, तब उन्हें लगा कि यह उनके जीवन का आखिरी स्वतंत्र क्षण हो सकता है।;

Update: 2026-06-07 08:26 GMT

मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने दावा किया कि यह लड़ाई केवल एक विरोध नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़ा आंदोलन है। दीपके ने कहा कि अगर छात्रों और युवाओं की आवाज नहीं उठेगी तो बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था ने एक पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है और जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

CJP फाउंडर रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इधर, अभिजीत ने घर पहुंचने के बाद अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे आज इंस्टाग्राम लाइव पर फॉलोअर्स को संबोधित करेंगे। लेकिन कब, यह नहीं बताया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन में भारी भीड़ का दावा

शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन सफल रहा और इसमें लगभग 7,000 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताते हुए कहा कि अब इस अभियान को देश के अन्य हिस्सों में भी फैलाया जाएगा। उनका कहना था कि आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो 13 जून को फिर से बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

सरकार को लेकर आरोप

जंतर-मंतर पर अपने संबोधन में दीपके ने दावा किया कि पिछले एक महीने से वह लगातार सोशल मीडिया के जरिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को सुनने के बजाय उनकी पोस्ट हटाने में लगी हुई है। दीपके ने कहा कि सोशल मीडिया से पोस्ट हटाई जा सकती है, लेकिन लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

गिरफ्तारी की आशंका 

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि दिल्ली आने से पहले उन्हें गिरफ्तारी की आशंका थी। उन्होंने कहा कि जब उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने वाला था, तब उन्हें लगा कि यह उनके जीवन का आखिरी स्वतंत्र क्षण हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस आंदोलन के लिए अपनी स्वतंत्रता तक दांव पर लगाने के लिए तैयार थे। उनके अनुसार, डर के कारण कई लोग समझौता कर लेते हैं, लेकिन छात्र और युवा समाज अब बदलाव की मांग कर रहे हैं।

जंतर-मंतर भाषण में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण छात्रों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के चलते अब तक कई छात्रों ने मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या तक की है, हालांकि इस दावे पर आधिकारिक पुष्टि नहीं है। दीपके ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है।

आंदोलन के समर्थन में बढ़ती ऑनलाइन मौजूदगी

CJP प्रमुख के अनुसार, इस आंदोलन के बाद संगठन की सोशल मीडिया उपस्थिति में भी तेजी से वृद्धि हुई है। बताया गया कि 24 घंटे के भीतर इंस्टाग्राम पर लाखों नए फॉलोअर्स जुड़े, जिससे उनकी ऑनलाइन पहुंच और प्रभाव बढ़ा है। आंदोलन से पहले संगठन के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या लगभग 2.21 करोड़ थी, जो कुछ ही समय में बढ़कर 2.26 करोड़ तक पहुंच गई। इसी तरह एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी उनके लाखों फॉलोअर्स हैं।

देशव्यापी आंदोलन की तैयारी और आगे की रणनीति

अभिजीत दीपके ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहने की अपील की और कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार के लिए है।

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