महाराष्ट्र: वायुसेना पायलट को हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

भारतीय वायुसेना के पायलट स्क्वोड्रन लीडर निनाद मंडावगने को आज यहां हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी, जब उनका यहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

Update: 2019-03-01 18:19 GMT

नासिक। भारतीय वायुसेना के पायलट स्क्वोड्रन लीडर निनाद मंडावगने को आज यहां हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी, जब उनका यहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के पायलट मंडावगने जम्मू एवं कश्मीर के बडगाम जिले में बुधवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना शहीद हुए वायुसेना के छह जवानों में से एक थे।

अंतिम संस्कार शुरू होते ही 'भारत माता की जय' और 'शहीद निनाद अमर रहे' के नारों के बीच मंगावगने को श्रद्धांजलि देने के लिए बिगुल ने अंतिम सलामी दी, सैनिकों ने अपनी रायफलें उलटी कर दीं। निनाद उम्र के तीसरे दशक में चल रहे थे।

निनाद की दो वर्षीय बेटी निया ने उनके ताबूत को अपनी मां विजेता की तरह चूमा, इस दौरान विजेता के चाचा नीरव और दादा-दादी उनके पास उदास खड़े थे।

इससे पहले विजेता ने सोशल मीडिया 'योद्धाओं' से संयम बरतने तथा भावनाओं को न भड़काने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा, "हम युद्ध नहीं चाहते। आप युद्ध के नुकसान नहीं जानते। हम और निनाद नहीं चाहते। सोशल मीडिया योद्धाओं, कृपया रुक जाओ। अगर आप युद्ध चाहते हैं तो सामने जाओ।"

निनाद ने अपनी स्कूली पढ़ाई नासिक स्थित भोंसला मिलिट्री स्कूल से की थी। उन्होंने औरंगाबाद स्थित सर्विसेज प्रीपेरेटरी इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया और दिसंबर 2009 में भारतीय वायुसेना की हेलीकॉप्टर शाखा में शामिल हुए।

इस दौरान उन्होंने एचपीटी-32, चेतक, एमआई-8, एमआई-17, एमआई-171वी और एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर उड़ाए। वह नक्सलियों के खिलाफ छेड़े गए ऑपरेशन त्रिवेणी में शामिल रहे। इसके अलावा वह राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी भी थे।

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