सबरीमाला सोना चोरी: SIT रिपोर्ट पर चेंनिथला का बड़ा सवाल
केरल विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रमेश चेंनिथला ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए
“सोना कहाँ है?”- पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने उठाई जांच की विश्वसनीयता पर शंका
- चेंनिथला का आरोप: SIT चोरी हुए सोने का सुराग ढूँढने में नाकाम
- मुख्यमंत्री कार्यालय पर जांच प्रभावित करने का आरोप, पुलिस एसोसिएशन की भूमिका संदिग्ध
- CBI जांच की मांग: अदालत की निगरानी में ही सामने आएगी सच्चाई
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रमेश चेंनिथला ने गुरुवार को सबरीमाला सोना चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में डिंडीगुल के कारोबारी डी. मणि की संलिप्तता से इनकार किया है, जिस पर चेंनिथला ने संदेह जताया।
चेंनिथला ने एसआईटी की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सबरीमाला से चोरी हुआ सोना आखिर कहां है। उन्होंने कहा कि अब तक एसआईटी चोरी हुए सोने का पता लगाने में पूरी तरह विफल रही है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “सबरीमाला में सोने की प्लेट से चोरी हुआ सोना आज तक बरामद नहीं किया जा सका है। एसआईटी इस बुनियादी सवाल का जवाब नहीं दे पाई है कि जब्त की गई संपत्ति आखिर कहां है।”
उन्होंने यह भी कहा कि लापता सोना केवल कथित रूप से ज्वेलरी कारोबारी गोवर्धन के पास मौजूद 300 ग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं अधिक मात्रा का सोना अब भी गायब है।
चेंनिथला ने बताया कि उन्होंने जो जानकारियां पहले साझा की थीं, वे उनके एक करीबी मित्र और अनिवासी उद्योगपति से प्राप्त इनपुट पर आधारित थीं। उन्होंने कहा कि वह अब भी उस उद्योगपति के संपर्क में हैं और वह अपने पहले दिए गए बयानों पर कायम है।
चेंनिथला के अनुसार, उद्योगपति ने मामले से जुड़े अहम सुराग उपलब्ध कराए हैं और यदि निष्पक्ष व ईमानदार जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने एसआईटी की कार्यप्रणाली और उसके गठन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय की ओर से हाल के दिनों में जांच को प्रभावित करने की कोशिशें की गई हैं।
उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस एसोसिएशन से जुड़े दो लोगों को एसआईटी में शामिल किया गया है और माकपा से करीबी संबंध रखने वाली पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारी अब जांच दल का हिस्सा हैं।
इन घटनाक्रमों को “अत्यंत संदिग्ध” करार देते हुए चेंनिथला ने कहा कि इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि केवल अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की पूरी सच्चाई सामने ला सकती है और जनता का भरोसा बहाल कर सकती है।
गौरतलब है कि अब तक एसआईटी ने इस सोना चोरी कांड से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए 15 लोगों में से 10 को गिरफ्तार किया है।