केरल: प्रियंका गांधी और वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कानूनी कार्रवाई की मांग की

कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी कार्रवाई से मिलने वाली सुरक्षा को भी हटाया जाना चाहिए।;

Update: 2026-09-26 17:36 GMT

वायनाड। कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी कार्रवाई से मिलने वाली सुरक्षा को भी हटाया जाना चाहिए।

वायनाड दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जो घटनाक्रम सामने आ रहा है, वह संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला है।

प्रियंका गांधी ने कहा, ''हमारी तत्काल मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। हम सभी एक साथ हैं। इंडिया गठबंधन एकजुट है। जो कुछ भी हो रहा है, वह संविधान के खिलाफ है।''

प्रियंका ने कहा कि उनका मानना है कि कथित गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े मामलों में मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली कानूनी सुरक्षा हटाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह साबित होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया के उल्लंघन की अनुमति दी तो उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

प्रियंका गांधी का यह बयान उन रिपोर्ट्स को लेकर जारी विवाद के बीच आया है, जिनमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं के कुछ फैसलों पर कई बार आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने आयोग के भीतर मतभेद की बात को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि एसआईआर सहित उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त और अपने नेतृत्व दोनों का बचाव कर रही है। उन्होंने कहा, ''भाजपा नेतृत्व और मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है। नेतृत्व ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पूरा समर्थन दिया है।''

इससे पहले प्रियंका गांधी ने मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने संबंधी रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर यह कार्रवाई गैरकानूनी साबित होती है तो यह लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ आपराधिक कृत्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में जानबूझकर हस्तक्षेप करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला तेज करते हुए उनके खिलाफ बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी।

ज्ञानेश कुमार की कड़ी आलोचना करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि यह शर्म की बात है कि वह केरल कैडर के अधिकारी रहे हैं।

उन्होंने इन आरोपों पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया और कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को देश की जनता को जवाब देना चाहिए।

वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की केरल में मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में उन्हें भी जवाब देना चाहिए, जब उनके मुताबिक लोकतंत्र खतरे में है।

कांग्रेस नेताओं के ये बयान एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को तैयार करने एवं उनमें संशोधन में कथित अनियमितताओं को लेकर तेज होते राजनीतिक विवाद के बीच सामने आए हैं।

चुनाव आयोग का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने कहा कि उसके अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

हालांकि, प्रियंका गांधी का कहना है कि इस मामले को सामान्य प्रशासनिक विवाद के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतंत्र के संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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