ओणम के लिए खास प्रवर्तन अभियान: केरल आबकारी विभाग ने दर्ज किए 2,332 मामले, 715 गिरफ्तार
ओणम से पहले केरल आबकारी विभाग ने अवैध शराब, स्पिरिट, ड्रग्स और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई तेज कर दी है;
तिरुवनंतपुरम। ओणम से पहले केरल आबकारी विभाग ने अवैध शराब, स्पिरिट, ड्रग्स और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई तेज कर दी है। इस विशेष अभियान के पहले सात दिनों में 2,332 मामले दर्ज किए गए और 715 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
केरल का पारंपरिक फसल उत्सव ओणम, जो एक हफ्ते तक चलता है, जल्द ही शुरू होने वाला है और इसकी शुरुआत इस महीने की 23 तारीख को होगी।
इसी की तैयारी को लेकर 1 अगस्त से शुरू हुआ और 5 सितंबर तक चलने वाला 'ओणम स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव' के तहत अब तक पूरे राज्य में 3,157 छापे मारे जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन मामलों के सिलसिले में 41 वाहन भी जब्त किए हैं।
अगस्त के पहले हफ्ते में दर्ज कुल 2,332 मामलों में से 264 मामले ड्रग्स, 618 मामले आबकारी (शराब) और 1,450 मामले सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए) के तहत दर्ज किए गए थे।
इस प्रवर्तन अभियान के दौरान स्पिरिट की अवैध ढुलाई से जुड़े दो बड़े मामले भी सामने आए हैं। पय्यानूर आबकारी टीम ने 7,000 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की, जबकि अंगमाली आबकारी टीम के एक अन्य ऑपरेशन में 1,200 लीटर स्पिरिट जब्त की गई। दोनों मामलों की आगे की जांच चल रही है।
विभाग ने सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की जांच, खुफिया जानकारी जुटाने, विशेष छापे मारने और निगरानी बढ़ाने का काम तेज कर दिया है। पुलिस वन, राजस्व, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), तटीय पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।
सीमावर्ती चेक पोस्ट पर निगरानी मजबूत की गई है। इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बैठकें की जा रही हैं, ताकि अवैध शराब, स्पिरिट और नशीले पदार्थों की अंतर-राज्यीय आवाजाही को रोका जा सके।
तिरुवनंतपुरम में आबकारी आयुक्त कार्यालय में एक संयुक्त आबकारी आयुक्त के नेतृत्व में 24 घंटे काम करने वाला राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें दो आबकारी निरीक्षकों सहित आठ सदस्यों की एक विशेष टीम शामिल है। इसी तरह के 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम सभी जिलों में उप-आबकारी आयुक्तों के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।
विभाग ने 'ऑपरेशन शुद्धि' (जिसका मकसद ताड़ी और ताड़ी की दुकानों से जुड़ी जांच को मजबूत करना है) और 'ऑपरेशन थंडर' (जिसे प्रवर्तन गतिविधियों को तेज करने के लिए शुरू किया गया है) को भी और तेज कर दिया है।
ड्रग्स का पता लगाने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए सभी जिलों में एनडीपीएस डिटेक्शन किट बांटी गई हैं, जिससे लार के नमूनों के जरिए भी नशीले पदार्थों का शुरुआती पता लगाया जा सकता है।
वहीं, ओणम के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास भी विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग ने कहा कि वार्ड, पंचायत और जिला स्तर पर 'आबकारी जन-जागरूकता समितियों' के माध्यम से लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 'मायांगिला केरल' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें रोकथाम, कानून लागू करना, जागरूकता, नशा-मुक्ति और पुनर्वास शामिल हैं।
आबकारी आयुक्त श्रीराम सांबासिवा राव ने कहा कि लोग शराब, ड्रग्स और तंबाकू उत्पादों से जुड़ी जानकारी या शिकायतें जिले के टोल-फ्री नंबर 155358 पर दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत करने वालों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।