तिरुअनंतपुरम। केरल में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। पुलिस के अनुसार, अज्ञात लोगों के एक समूह ने थरूर के काफिले को रोककर उनके गनमैन और ड्राइवर के साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है।
चुनाव प्रचार के दौरान हुई घटना
पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे वांडूर क्षेत्र के तिरुवाली के पास चेल्लीथोडे इलाके में हुई। उस समय शशि थरूर कांग्रेस नेता एपी अनिलकुमार के चुनाव प्रचार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि काफिला जैसे ही संकरी सड़क से गुजर रहा था, तभी यह विवाद शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।
एफआईआर में क्या कहा गया?
वांडूर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि करीब पांच लोगों का एक समूह दो वाहनों में सवार होकर आया और उन्होंने काफिले की गाड़ी को रास्ते में रोक लिया। एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने न केवल वाहन को रोका बल्कि गनमैन और ड्राइवर के साथ बदसलूकी और मारपीट भी की।
सड़क संकरी होने से बढ़ा विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह सड़क काफी संकरी है। काफिले के आगे चल रहे वाहन को रास्ता देने के लिए गनमैन ने विनम्रता से थोड़ा तेज चलने का अनुरोध किया था। हालांकि, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। स्थिति तब बिगड़ गई जब गनमैन ने रास्ता साफ कराने की कोशिश की, जिस पर आरोपियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए हमला कर दिया।
गनमैन और ड्राइवर पर हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने गनमैन और ड्राइवर को निशाना बनाते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। हालांकि इस दौरान सांसद शशि थरूर सुरक्षित रहे और उन्हें किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई। घटना के बाद काफिले में मौजूद अन्य लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि बाकी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
जांच जारी, कारणों की पड़ताल
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह मामला सड़क पर हुए विवाद का परिणाम बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना केवल आपसी विवाद थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के दौरान एक वरिष्ठ नेता के काफिले पर इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी राजनीतिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।