केरलम: सोमवार को CM पद की शपथ लेंगे वीडी सतीशन, 20 विधायक भी बनेंगे मंत्री, राहुल समेत कई दिग्गज रहेंगे मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए तिरुवनंतपुरम में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरों में बांटा गया है। इसके अलावा वीआईपी मूवमेंट और हजारों समर्थकों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए विशेष यातायात योजना भी लागू की गई है।;

Update: 2026-05-17 09:53 GMT

तिरुवनंतपुरम। केरलम में राजनीतिक बदलाव के बीच कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन सोमवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा, जहां उनके साथ 20 मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। सेंट्रल स्टेडियम में कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। विशाल मंच के साथ-साथ हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता, राजनीतिक हस्तियां और विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथि शामिल होंगे।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम

शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए तिरुवनंतपुरम में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरों में बांटा गया है। इसके अलावा वीआईपी मूवमेंट और हजारों समर्थकों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए विशेष यातायात योजना भी लागू की गई है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशेष कवर और अस्थायी शेड भी लगाए जा रहे हैं, ताकि समारोह बाधित न हो।

यूडीएफ की ऐतिहासिक वापसी

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही लगभग एक दशक बाद गठबंधन ने राज्य की सत्ता में वापसी की है। यूडीएफ की इस जीत ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को सत्ता से बाहर कर दिया है। चुनाव परिणामों को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

वी.डी. सतीशन का राजनीतिक सफर

61 वर्षीय वी.डी. सतीशन पिछले पांच वर्षों से विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे थे। पार्टी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कांग्रेस के जनाधार को फिर से खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। कांग्रेस हाईकमान द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने के बाद उन्होंने गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया पूरी की। पार्टी नेताओं का कहना है कि सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा, जिसका परिणाम सत्ता वापसी के रूप में सामने आया।

नए मंत्रिमंडल में 20 मंत्री लेंगे शपथ

मुख्यमंत्री के साथ 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी इसी समारोह में होगा। इन मंत्रियों का चयन गठबंधन सहयोगियों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल गठन को लेकर कई दौर की बैठकें हुईं, जिनमें कांग्रेस नेतृत्व और सहयोगी दलों ने मिलकर अंतिम सूची तैयार की।

राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी की संभावना 

शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए कांग्रेस ने कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी बुलाया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। राज्य के सभी 140 विधायकों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया गया है, जिससे इसे एक व्यापक राजनीतिक आयोजन का रूप दिया जा रहा है।

पड़ोसी राज्यों के नेताओं पर नजर

समारोह में पड़ोसी राज्यों के नेताओं की भागीदारी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। खासकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय की संभावित उपस्थिति को लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, विजय को भी आमंत्रित किया गया है और उनकी उपस्थिति की पुष्टि अंतिम समय में होने की उम्मीद है।

जनादेश को बताया बदलाव की मांग

यूडीएफ समर्थकों का कहना है कि यह जीत राज्य की जनता की बदलाव की इच्छा का परिणाम है। लंबे समय से विपक्ष में रहने के बाद गठबंधन की सत्ता में वापसी को लोगों के विश्वास की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी नेताओं का मानना है कि नई सरकार विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण के एजेंडे पर काम करेगी।

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