प्रकाश राज का दावा- SIR के बाद वोटर लिस्ट से हटाया गया नाम, बोले- ‘यह कैसा मजाक है?’

प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के दावे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे ‘बड़ा मजाक’ बताते हुए कहा कि अब वह देखेंगे कि अपना वोटर आईडी दोबारा हासिल करने के लिए उन्हें कौन-कौन से दस्तावेज पेश करने होंगे।;

Update: 2026-08-11 07:07 GMT

बेंगलुरु: फिल्म अभिनेता प्रकाश राज ने दावा किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के बाद बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। अभिनेता ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ, यहीं उन्होंने पढ़ाई की और थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। ऐसे में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की खबर उनके लिए हैरान करने वाली है।

प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के दावे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे ‘बड़ा मजाक’ बताते हुए कहा कि अब वह देखेंगे कि अपना वोटर आईडी दोबारा हासिल करने के लिए उन्हें कौन-कौन से दस्तावेज पेश करने होंगे। अभिनेता ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपनी ताकत दिखाने के लिए किसी का मतदान अधिकार छीन सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या वे लोगों को सत्ता से हटाने से रोक सकते हैं। प्रकाश राज ने दावा किया कि SIR के बाद बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र में करीब 65 लाख मतदाताओं के वोटिंग राइट प्रभावित हुए हैं और वह भी इनमें शामिल हैं।

‘मेरा जन्म यहीं हुआ, फिर नाम कैसे हट गया?’

प्रकाश राज ने अपने बयान में कहा कि उनका बेंगलुरु से पुराना संबंध है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म इसी निर्वाचन क्षेत्र में हुआ और उनकी स्कूली शिक्षा, कॉलेज तथा थिएटर का दौर भी यहीं बीता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह इसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। अभिनेता ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले को लेकर वह आगे की प्रक्रिया देखेंगे। हालांकि, मतदाता सूची में उनके नाम की स्थिति और SIR के तहत हुई कार्रवाई को लेकर संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से अंतिम स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

कई राज्यों के वोटर आईडी का भी रहा है विवाद

प्रकाश राज इससे पहले भी मतदाता पहचान पत्र से जुड़े विवाद में रह चुके हैं। इसी साल जून में बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। यह मामला एक शिकायत से जुड़ा था, जिसमें अभिनेता पर कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों के मतदाता पहचान पत्र रखने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता वकील दिलीप कुमार ने 2019 में हलासूरू गेट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि प्रकाश राज के पास कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना समेत कई राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। अदालत की ओर से पेश होने के लिए समन जारी किए जाने के बावजूद प्रकाश राज के उपस्थित नहीं होने पर वारंट जारी किया गया था। हालांकि, मौजूदा वोटर लिस्ट विवाद इस पुराने मामले से अलग है और SIR के बाद नाम हटाए जाने के उनके नए दावे से जुड़ा है।

झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल

मतदाता सूची विवाद के बीच प्रकाश राज ने झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग पर सवाल उठाए। प्रकाश राज ने पोस्ट में सरकार और प्रशासन से पूछा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती।

राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहे प्रकाश राज

प्रकाश राज दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेताओं में शामिल हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में काम किया है। अभिनय के अलावा वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं। प्रकाश राज आने वाले समय में ‘दृश्यम 3’ में नजर आ सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई परियोजनाओं से भी उनके जुड़े होने की चर्चा है। अब SIR के बाद वोटर लिस्ट में अपना नाम हटाए जाने के उनके दावे ने एक बार फिर उन्हें राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

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