कर्नाटक संकट :सुप्रीम कोर्ट का विश्वास मत पर जल्द सुनवाई से इंकार

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कर्नाटक में जनता दल (सेकुलर) - कांग्रेस गठबंधन की सरकार का भविष्य तय करने के लिए विश्वास मत संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया

Update: 2019-07-22 13:03 GMT

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कर्नाटक विधानसभा में सरकार को तत्काल विश्वास मत पेश करने का निर्देश देने की दो निर्दलीय विधायकों की याचिका खारिज कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे 'असंभव' बताया है। दो निर्दलीय विधायकों- आर. शंकर और एच. नागेश ने रविवार को संयुक्त रूप से अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने कर्नाटक के सत्तारूढ़ कांग्रेस-जनता दल (सेकुलर) सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। उन्होंने सदन में विश्वास मत संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की है।

कर्नाटक में एच.डी. कुमारस्वामी की सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस और जद-एस के कई विधायकों के इस्तीफा देने या विपक्षी भाजपा से हाथ मिलाने के बाद राज्य में राजनीतिक संकट व्याप्त हो गया है।

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय जाकर उसके 17 जुलाई के आदेश पर स्पष्टीकरण मांगा था। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि राज्यपाल विश्वास मत के मामले में दखल दे रहे हैं। आदेश में 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही से अलग रहने का विकल्प भी प्रदान किया था।

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