बीटेक छात्र ने की आत्महत्या

नोएडा ! सेक्टर-62 स्थित जेपी इंस्टीट्यूट में बुधवार देर रात बीटेक चतुर्थवर्ष के छात्र ने हॉस्टल में पंखे से लटककर जान दे दी।;

Update: 2017-01-13 01:22 GMT

नोएडा !  सेक्टर-62 स्थित जेपी इंस्टीट्यूट में बुधवार देर रात बीटेक चतुर्थवर्ष के छात्र ने हॉस्टल में पंखे से लटककर जान दे दी। छात्र का साथी जब कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा काफी खटखटाने पर भी नहीं खुला तो उसने और छात्रों को बुला लिया। बालकनी से झांककर देखा तो अभिनव का पैर हवा में लटका हुआ दिखा। सूचना पर हॉस्टल का वॉर्डन व अन्य छात्र वहां पहुंचे और दरवाजा तोडक़र अभिनव को नीचे उतारा।
आनन-फानन में अभिनव को फोर्टिस अस्पताल लेकर गए, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात 11 बजे हॉस्टल के वार्डन ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने बताया कि मौके पर से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें खुद को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया है। मूलरूप से सरस्वती मंदिर सूरजकुंड रोड़ सिविल लाइन मेरठ का रहने वाला अभिनव गुप्ता (22) पुत्र मुकेश कुमार गुप्ता जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। अभिनव अपने सहपाठी प्रदीप तोमर निवासी एमपी के साथ कॉलेज के ही हॉस्टल की नौवीं मंजिल पर कमरा नंबर 942 में रहता था। पुलिस के मुताबिक प्रदीप तोमर खाना खाने के बाद अपने एक दोस्त के रूम में चला गया था। 9:30 बजे अपने रूम में पहुंचा तो अंदर से दरवाजा बंद था। अभिनव को कई बार आवाज दी और मोबाइल पर फोन भी किया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। प्रदीप ने अन्य दोस्तों को बुला लिया। बालकनी से झांककर देखा तो अभिनव का पैर हवा में लटका हुआ दिखा।
आंखे दान की इच्छा रही अधूरी
पुलिस के मुताबिक अभिनव ने फांसी लगाने से पहले सुसाइड नोट में लिखा कि आत्महत्या का जिम्मेदार खुद है। इसके लिए किसी को परेशान नहीं किया जाए। मेरी आंखें किसी को दान कर देना। पुलिस का कहना है कि देर रात फोर्टिस अस्पताल पहुंचे परिजनों ने सुसाइड नोट के बारे में बताया था। जब उन्होंने आंखे दान किए जाने की बात परिजनों से की तो उन्होंने इस पर कोई सही जवाब नहीं दिया। इसके बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से ही इनकार कर दिया था। गुरुवार सुबह परिजनों ने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
प्लेसमेंट न होने से चल रहा था परेशान
 कॉलेज में कई प्लेसमेंट एजेंसियां आई थी। उसके कई साथियों का प्लेसमेंट हो गया था। लेकिन अभिनव का प्लेसमेंट नहीं हो पाया था, जिसकी वजह से वह परेशान था। तीन दिन पहले अभिनव ने 92 हजार रुपए सेमेस्टर फीस जमा की थी।
मां से बोला था अब नहीं आऊंगा
अभिनव के एक रिश्तेदार ने बताया कि अभिनव चार दिन पहले घर से आते समय अपनी मां से बोला था कि मैं अब घर लौटकर नहीं आऊंगा। इस पर मां ने कारण पूछा तो अभिनव ने कहा कि कई कंपनियों में उसका इंटरव्यू है। अब होली में
घर आएगा।

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