जांजगीर जिले में किसान समृद्धि योजना लक्ष्य से दूर
जांजगीर ! खेतों की सिंचाई के लिए कृषकों को किसान समृद्धि योजना के तहत नलकूप खनन के लिए अनुदान राशि देने का प्रावधान है, मगर जिले के किसानों को इस योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।;
50 फीसदी किसानों को ही मिल सका है योजना का लाभ
जांजगीर ! खेतों की सिंचाई के लिए कृषकों को किसान समृद्धि योजना के तहत नलकूप खनन के लिए अनुदान राशि देने का प्रावधान है, मगर जिले के किसानों को इस योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में 160 पंजीकृत किसानों को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरूद्ध विभाग बीते 10 माह में 80 किसानों को योजना का लाभ दिला पाया है। गौरतलब है कि कृषि प्रधान जिले में धान का रिकार्ड उत्पादन होता है। प्रदेश में धान खरीदी में भी जांजगीर-चांपा जिला सबसे आगे हैं। बावजूद जिले के किसानों को स्थानीय कृषि विभाग शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिला पा रहा है। प्रचार-प्रसार की कमी के चलते शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं कागजों तक ही सिमट कर रह जा रही है। इसी कड़ी में किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए किसान समृद्धि योजना चलाई जा रही है। योजना 2007 से लागू हैं। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के किसानों को नलकूप खनन के लिए अलग-अलग अनुदान राशि दी जाती है। इसमें अजा व अजजा को 43-43 हजार रुपए, ओबीसी को 35 हजार रुपए और जनरल वर्ग के किसानों को 30-30 हजार रुपए अनुदान राशि देने का प्रावधान है। किसानों को इस योजना से लाभान्वित करने विभाग द्वारा हर साल लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। इसी कड़ी में वर्ष 2016-17 में पंजीकृत 160 किसानों को समृद्धि योजना के तहत नलकूप खनन के लिए अनुदान राशि देने का लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष के बीते 10 माह में विभाग 80 किसानों को ही योजना का लाभ दिला पाया है। वहीं अभी भी 80 किसान योजना के लाभ से वंचित है। इस हिसाब से देखा जाए तो बचे दो माह में ही 80 किसानों को इस योजना से लाभान्वित करना विभाग के समक्ष एक चुनौती से कम नहीं है।
बीते वर्ष भी लक्ष्य रह गया था अधूरा
विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में किसान समृद्धि योजना से 150 कृषकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके एवज में विभाग द्वारा 120 किसानों को ही नलकूप खनन के लिए अनुदान राशि उपलब्ध करा पाया था। वहीं 30 किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया था।
1 करोड़ 72 लाख 80 हजार का बजट
किसान समृद्धि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए विभाग का 1 करोड़ 72 लाख 80 हजार रुपए का बजट है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग बजट का आधा ही बांट पाया है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष यह बजट 1 करोड़ 62 लाख रुपए का था।
किसान कैसे करे आवेदन
किसान समृद्धि योजना का लाभ वे किसान ही ले सकते हैं जो विभाग में पंजीकृत है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को योजना से संबंधित फार्म के साथ बी-वन, खसरा, नक्शा, शपथ पत्र, ग्राम सरपंच के अनुमोदन, नलकूप खनन की रसीद, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी से अनुमोदन पश्चात समस्त दस्तावेजों को विभाग में जमा कराना होता है। इसके बाद विभाग फार्म की जांच कर पात्र किसानों को खनन उपरांत अनुदान राशि देता है।