तालाब का गहरीकरण,ठेकेदार को बेच दी मिट्टी
जांजगीर ! अकलतरा विकासखण्ड के ग्राम रोगदा मनरेगा कानून का खुला उल्लंघन किये जाने की शिकायत ग्रामवासियों ने की है।
मनरेगा के कार्य में सरपंच ने घर बैठाकर कर मजदूरों को छला
जांजगीर ! अकलतरा विकासखण्ड के ग्राम रोगदा मनरेगा कानून का खुला उल्लंघन किये जाने की शिकायत ग्रामवासियों ने की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के जिस तालाब के गहरीकरण के नाम से मनरेगा कार्य स्वीकृत हुआ था वहां सरपंच द्वारा मजदूरों का काम बंद करा नीजि ठेकेदार को मशीन से खुदाई कराने खुली छूट दे रखी है। जिसके चलते जाब कार्डधारी मजदूरों की मजदूरी पाने की आस धूमिल हो रही है वहीं सरपंच पर नीजि स्वार्थ के लिए मिट्टी बेचने का आरोप ग्रामीण लगा रहे है। इसकी शिकायत अनुविभागीय अधिकारी व जनपद कार्यालय अकलतरा को की जा चुकी है।
अकलतरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रोगदा में विकास कार्यों की अनियमितता की शिकायत तो है ही जिसमें रोजगार गांरटी कानून जैसे महत्वपूर्ण योजना जिसका उद्देश्य हर हाथ को काम है का उल्लंघन पंचायत सरपंच द्वारा किये जाने की शिकायत सामने आयी है। गांव के उपसरपंच एवं अन्य लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी व जनपद सीईओ से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि गांव के लक्ष्मनीया तालाब गहरीकरण का कार्य स्वीकृत हुआ था। उक्त तालाब में मनरेगा के तहत जॉबकार्ड धारी मजदूर बमुश्किल सप्ताह भर काम कर पाये थे कि अचानक सरपंच श्रीमती नंद कुमारी जगत द्वारा काम रोक दिया गया और उसी तालाब में नीजि ठेकेदार की बड़ी-बड़ी मशीनों से मिट्टी निकाल बेच दिया गया। इस बात की भनक लगने पर उपसरपंच व अन्य ग्रामीण इसका विरोध करने लगे और शिकायत जनपद कार्यालय व एसडीएम से की गई है। ग्रामीणों का आरोप है सरपंच द्वारा मनमानी कर अपने नीजि स्वार्थ पूर्ति के लिये मजदूरों के हक की मजदूरी रोक दी है, जबकि मनरेगा कानून मजदूरों को काम दिलाने ही बनाया गया है। अपने शिकायत में ग्रामीणों ने कानून का उल्लंघन करने वाली महिला सरपंच के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है।
और भी है शिकायतें
ग्राम पंचायत रोगदा जो पूर्व में मुरलीडीह पंचायत का आश्रित ग्राम हुआ करता था जो 2013 में पंचायत का दर्जा पाने के बाद महिला सरपंच बनी नंद कुमारी जगत के खिलाफ ग्रामीणों ने 10 बिंदुओं से शिकायत कर जांच की मांग की है जिसमें घटिया निर्माण सरपंच पति एवं बेटे द्वारा पंचायत कार्यों में सीधे हस्तक्षेप सहित शौचालय निर्माण व प्रधामंत्री आवास आदि शामिल है। ग्रामीण सरपंच के विरूद्ध लाम बंद होकर जांच कराने एवं सरपंच को बर्खास्त करने की मांग कर रहे है।
जांच प्रतिवेदन शीघ्र भेजा जाएगा- तहसीलदार
इस संबंध में अकलतरा तहसीलदार लखेश्वर किरण ने बताया कि ग्रामीण की शिकायत पर आज जांच टीम रोगदा पहुंची थी। जहां लक्ष्मनीया तालाब में मनरेगा का काम रोक मशीन से मिट्टी निकाले जाने की पुष्टि हुई है। अन्य शिकायतों की भी बिन्दुवार जांच प्रतिवेदन तैयार कर एक दो दिन में एसडीएम कार्यालय भेजा जाएगा।
पलायन रोकने जिला प्रशासन नाकाम-मंजू सिंह
जिला कांगे्रस अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह ने बताया कि रोगदा पंचायत के मजदूर उनसे मिलने अकलतरा पहुंचे हुये थे। जिनकी शिकायत को लेकर वे स्वयं जिला प्रशासन को पत्र लिख रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल रोगदा गांव का ही मामला नहीं है बल्कि जिले के अधिकांश गांवों में मनरेगा कानून का माखौल उड़ाया जा रहा है। यही वजह है कि मजदूरों को समय पर काम व समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते मजदूरों का पलायन अन्य प्रदेशों के लिए निरंतर जारी है। प्रशासन समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाती तो कांग्रेस अपनी रणनीति बनायेगी।