अटल पेंशन योजना: जम्मू में लोगों को बताया गया सुरक्षित रिटायरमेंट का रास्ता, लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव
जम्मू में जिलास्तरीय अटल पेंशन योजना (एपीवाई) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने जम्मू-कश्मीर यूनियन टेरिटरी लेवल बैंकर्स कमेटी (यूटीएलबीसी) के मार्गदर्शन में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), जम्मू के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के सहयोग से आयोजित किया।;
जम्मू। जम्मू में जिलास्तरीय अटल पेंशन योजना (एपीवाई) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने जम्मू-कश्मीर यूनियन टेरिटरी लेवल बैंकर्स कमेटी (यूटीएलबीसी) के मार्गदर्शन में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), जम्मू के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के सहयोग से आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में पीएफआरडीए, यूटीएलबीसी, विभिन्न बैंकों, सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स और अन्य संबंधित लोगों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस मौके पर अटल पेंशन योजना के उद्देश्यों, फायदों और पात्रता के नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें योजना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में एपीवाई के फायदों पर प्रेजेंटेशन, बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करना, सवाल-जवाब का इंटरैक्टिव सेशन और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का सम्मान शामिल था।
वक्ताओं ने बताया कि अटल पेंशन योजना 60 साल की उम्र के बाद सरकार की गारंटी वाली मासिक पेंशन देती है और नागरिकों के लिए लंबे समय तक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए व्यवस्थित बचत को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के आखिर में आम जनता, खासकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से अटल पेंशन योजना का लाभ उठाने और रिटायरमेंट के बाद अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए योजना में शामिल होने का आग्रह किया गया।
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के सहायक महाप्रबंधक रूबी विनायक भावसागर ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि जम्मू में शुक्रवार को अटल पेंशन योजना का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जम्मू जिले के आसपास के क्षेत्रों में एपीवाई योजना के लिए योग्य नागरिकों तक पहुंचना और इस योजना में शामिल करना है।
उन्होंने कहा कि इस योजना में लगभग नौ करोड़ 30 लाख लोग जुड़ चुके हैं। अगर जम्मू की बात की जाए तो यहां की आबादी करीब साढ़े सात लाख है, जिसमें से एक लाख लोग जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस साल भारत सरकार ने 40 हजार नॉमिनेशन इनरोल्ड का लक्ष्य तय किया है,जिनमें से 10 प्रतिशत से ज्यादा अचीव किया जा चुका है।
योजना के लाभार्थी परविंदर सिंह ने बताया कि इस तरह की स्कीम से लोगों को काफी सहायता मिल जाता है। इससे लाभार्थी के परिवार को आर्थिक रूप से मजबूती मिलती है। 60 साल की उम्र के बाद अटल पेंशन मिलना शुरू हो जाता है। मेरा मानना है कि इस योजना का लाभ सभी को लेना चाहिए।
लाभार्थी सनी कुमार ने कहा कि सात साल पहले इस योजना से जुड़ा हूं। योजना के तहत 577 रुपए महीने में कट जाता है, जिसे 60 साल की उम्र तक देना होगा। उसके बाद हर माह 5 हजार रुपए मेरे बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा। 60 साल की उम्र के बाद लोग काम नहीं कर पाते और पैसों की जरूरत होती है। ऐसे में यह योजना हर किसी के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है।
लाभार्थी अंजलि ठाकुर ने बताया कि मैंने 18 साल की उम्र से इस योजना से जुड़ गई थी। इस योजना में लोग अपने आय के स्रोत के मुताबिक पैसे अटल पेंशन योजना में डालते हैं। नौकरी के दौरान एक हजार या दो हजार रुपए ज्यादा नहीं लगते, जो आगे चलकर बुढ़ापे का सहारा बन जाते हैं। मेरी लोगों से अपील है कि अपनी आय को देखते हुए योजना में निवेश करें और 60 साल की उम्र के बाद यानी बुढ़ापे को सुरक्षित करें।