पोषण आहार घोटाले का मुद्दा मप्र विधानसभा में फिर उठा
कांग्रेस के युवा विधायक जयवर्द्धन सिंह ने आज विधानसभा में चर्चित पोषण आहार घोटाला उठाते हुए आरोप लगाया;
भोपाल। कांग्रेस के युवा विधायक जयवर्द्धन सिंह ने आज विधानसभा में चर्चित पोषण आहार घोटाला उठाते हुए आरोप लगाया कि कतिपय अधिकारियों के संरक्षण में कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की वर्ष 2018-19 की लगभग पांच हजार करोड़ रुपए की अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पोषण आहार वितरण के नाम पर पांच सालों में पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च हुई, लेकिन इसका दुरुपयोग ही हुआ और कुपोषण और अधिक गंभीर समस्या बन गयी।
उन्होंने कहा कि सरकारी संस्था एमपी एग्रो सिर्फ तीन कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। कुछ अधिकारी और सरकार उच्चतम और उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर लगातार कंपनियों के कर्ताधर्ताओं को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है।
सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ियों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से पोषण आहार वितरित करने के अदालत के आदेश के बावजूद सिर्फ तीन निजी कंपनियों से ही यह काम कराया जा रहा है।
इसी वजह से अदालत ने तल्ख टिप्पणी की है कि सरकार कुछ कंपनियों को फ़ेवर करना चाहती हैं। बच्चों का कुपोषण तो दूर नहीं हो रहा है, लेकिन कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।