सेशेल्स ने पीएम मोदी को दिया अवॉर्ड ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’, जाने की है खासियत
विक्टोरिया (सेशेल्स), सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ प्रदान किया है। यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय नेता को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है।;
विक्टोरिया (सेशेल्स), सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ प्रदान किया है। यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय नेता को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है।
यह सम्मान एक विशेष समारोह में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रदान किया, जिसे राष्ट्रपति कार्यालय ने “ प्रतीकात्मक और आत्मीय” बताया। यह अवसर सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर आया।
5 जून को प्रकाशित सेशेल्स नेशन की रिपोर्ट के अनुसार," यह सम्मान प्रणाली हाल ही में किए गए बड़े विधायी बदलावों के बाद अस्तित्व में आई है। इस महीने की शुरुआत में सेशेल्स की संसद ने ‘राष्ट्रीय पुरस्कार (निरसन) विधेयक 2026 पारित कर पहले से मौजूद राष्ट्रीय पुरस्कार व्यवस्था और ‘मेडल ऑफ द रिपब्लिक’ को समाप्त कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में यूनाइटेड सेशेल्स (यूएस) के 17 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि लिनीओन डेमोक्रेटिक सेसेल्वा (एलडीएश) के 14 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया। कोई भी सदस्य मतदान से अनुपस्थित नहीं रहा।”
पहले की व्यवस्था (2022 में बनाई गई) के तहत राष्ट्रपति को स्वतः सम्मान देने का प्रावधान था, जिसे पारदर्शिता संबंधी चिंताओं के चलते खत्म कर दिया गया। हालांकि, पहले दिए गए सभी पुरस्कार वैध बने रहेंगे।
सेशेल्स सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान उनके नेतृत्व में सतत विकास, हिंद महासागर जैसे विशाल जल क्षेत्रों और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए उनके दृष्टिकोण को मान्यता देने और छोटे द्वीपीय देशों के पक्ष में हमेशा खड़े रहने के लिए दिया गया है।
इसके अलावा उन्हें ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए भी सम्मानित किया गया।
‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ एक पारंपरिक पदक नहीं बल्कि एक प्रतीकात्मक राष्ट्रपति सम्मान है, जो उन नेताओं को दिया जाता है जिनका कार्य समुद्री संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा होता है।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का गौरव है। उन्होंने इसे भारत-सेशेल्स संबंधों में 50 वर्षों की दोस्ती, विश्वास और सहयोग का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसमें मिशन लाइफ, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और आपदा-रोधी ढांचे जैसी पहल शामिल हैं।
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को मिले कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में नवीनतम है, जिनमें एफएओ (खाद्य और कृषि संगठन) का एग्रीकोला मेडल, सोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ सम्मान शामिल हैं।
सेशेल्स सरकार ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि वे जलवायु परिवर्तन और समुद्री चुनौतियों के सबसे आगे खड़े देशों में से एक हैं, और ऐसे वैश्विक साझेदारों की जरूरत को यह कदम मजबूत करता है।