रियाद :यमन के हूती लड़ाकों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच बुधवार को सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया। हमलों में तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के आभा एयरपोर्ट पर हमले हुए। हूती संगठन ने सऊदी अरब के कई हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हमले करने की जिम्मेदारी ली है। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई करने का दावा किया है। इससे क्षेत्र में संघर्ष और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
किंग खालिद एयरपोर्ट पर एक की मौत, आठ घायल
रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में पांच सऊदी नागरिक, दो मिस्र के निवासी और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। संबंधित एजेंसियां एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
आभा एयरपोर्ट पर दो विदेशी महिलाओं की मौत
आभा एयरपोर्ट को भी हूती हमले में निशाना बनाए जाने की जानकारी है। यहां मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिला नागरिकों की मौत हुई है। हमले में 28 लोग घायल हुए हैं। घायलों में सऊदी अरब के अलावा बांग्लादेश और फिलीपींस के नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है, हालांकि शुरुआती बयान में मौत के कारणों को विस्तार से नहीं बताया गया। अधिकारियों का कहना है कि हवाई अड्डों की सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।
अदन एयरपोर्ट पर भी मिसाइल और ड्रोन हमला
इसी बीच यमन की सरकार के नियंत्रण वाले अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। हमले के बाद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई। यमन में इस समय सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच संघर्ष जारी है। सरकारी बलों के समर्थन में सऊदी अरब भी सैन्य कार्रवाई कर रहा है और उसके लड़ाकू विमानों द्वारा हूती ठिकानों पर हमले किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। उनके मुताबिक, संगठन ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए कई सैन्य अभियान चलाए। हूती प्रवक्ता ने रबीघ स्थित सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों से जुड़े नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
बाब अल-मंदेब को लेकर संघर्ष तेज
सऊदी अरब और हूती समर्थित बलों के बीच संघर्ष में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हूती और यमन की सरकारी सेना के बीच इस क्षेत्र के नियंत्रण को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। हूती का यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण है और वह ईरान समर्थित संगठन के तौर पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के सामने प्रमुख चुनौती बना हुआ है।
लाल सागर और तेल कारोबार पर बढ़ा दबाव
बाब अल-मंदेब में तनाव का असर लाल सागर से गुजरने वाले समुद्री यातायात पर भी पड़ सकता है। मौजूदा पश्चिम एशियाई संकट में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े तनाव के कारण बाब अल-मंदेब का रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है। सऊदी अरब यमन की सरकारी सेना के साथ मिलकर हूती के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, 2015 से चले लंबे संघर्ष के बावजूद हूती को निर्णायक रूप से पराजित नहीं किया जा सका। बाद में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन यमन का संघर्ष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब और हूती के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई और लाल सागर में समुद्री सुरक्षा पर दुनिया की नजर रहेगी।