राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल ने शहीदों को किया नमन
ढाका, बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद शनिवार को सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पहुंचकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्हें तीनों सेनाओं की टुकड़ी ने राजकीय सलामी दी।;
ढाका, बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद शनिवार को सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पहुंचकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्हें तीनों सेनाओं की टुकड़ी ने राजकीय सलामी दी।
बांग्लादेश की समाचार एजेंसी यूएनबी की रिपोर्ट के अनुसार, मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार शाम बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष बैरिस्टर कैसर कमाल ने शाम 7:37 बजे राष्ट्रपति को पद की शपथ दिलाई।
बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने शनिवार सुबह 10 बजे सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर जाकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान तीनों सेनाओं की एक सुसज्जित टुकड़ी ने उन्हें राजकीय सलामी दी, जबकि बिगुल पर 'लास्ट पोस्ट' धुन बजाई गई।
इस अवसर पर मुक्ति संग्राम मामलों के राज्य मंत्री इशराक हुसैन, सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान, रियर एडमिरल खोंडकार मिसबह उल अजीम तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
यूएनबी के अनुसार, इससे पहले स्मारक पहुंचने पर राष्ट्रपति ने राज्य मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और वहां उपस्थित अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। औपचारिक समारोह के बाद राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल ने आगंतुक पुस्तिका में अपने हस्ताक्षर किए और स्मारक परिसर में एक पौधा भी लगाया। इसके बाद वह वहां से रवाना हो गए।
बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल राष्ट्रपति चुनाव में अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को हराकर राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। यह चुनाव गुरुवार को आयोजित किया गया था।
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल को गुरुवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में संसद सदस्यों ने देश का 23वां राष्ट्रपति चुना। उन्हें 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को 88 वोट मिले। कुल 349 सांसद मतदान के पात्र थे, जिनमें से 343 ने मतदान किया।
यह बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव था, जिसमें एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले 1991 में राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हुआ था। उसके बाद लगातार राष्ट्रपति निर्विरोध चुने जाते रहे।
फखरुल का राजनीतिक सफर पांच दशक से अधिक पुराना है। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षक और वामपंथी विचारों से प्रभावित छात्र कार्यकर्ता रहे। शेख हसीना के लंबे शासनकाल के दौरान वह विपक्ष के प्रमुख चेहरों में रहे और लोकतांत्रिक अधिकारों तथा निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर बीएनपी के आंदोलनों में अग्रिम पंक्ति में दिखाई दिए।