बांग्लादेश में बीएनपी की कमान तारिक रहमान के हाथ, खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन

बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद इस नियुक्ति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मौजूदा राजनीतिक हालात और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तारिक रहमान को नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।

Update: 2026-01-11 00:18 GMT
ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने औपचारिक रूप से तारिक रहमान को पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। यह फैसला पार्टी की वरिष्ठ नेता और तीन बार प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया के निधन के कुछ ही दिनों बाद लिया गया। बीएनपी की स्थायी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से तारिक रहमान को अध्यक्ष बनाए जाने को मंजूरी दी गई। पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन की निरंतरता और राजनीतिक स्थिरता की दिशा में अहम कदम बताया है।


बैठक के बाद नियुक्ति की पुष्टि

‘ढाका ट्रिब्यून’ के अनुसार, बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद इस नियुक्ति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मौजूदा राजनीतिक हालात और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तारिक रहमान को नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है। खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर इस फैसले के साथ विराम लग गया है।

खालिदा जिया के निधन के बाद नेतृत्व का फैसला

बीएनपी की संस्थापक और प्रमुख नेता खालिदा जिया का 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक थीं और तीन बार देश की प्रधानमंत्री रह चुकी थीं। उनके निधन के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखना और राजनीतिक दिशा तय करना था। पार्टी नेताओं का कहना है कि तारिक रहमान की नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में भरोसा पैदा होगा और नेतृत्व में स्पष्टता आएगी।

तारिक रहमान का राजनीतिक संदेश
शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवनियुक्त अध्यक्ष तारिक रहमान ने साफ कहा कि देश को पांच अगस्त 2024 से पहले की राजनीतिक परिस्थितियों में लौटने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा, “हम पांच अगस्त से पहले के दिनों में वापस नहीं जाना चाहते। ऐसा करने का हमारे पास कोई कारण नहीं है।” उनका यह बयान बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति में बदलाव और आगे की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तारिक रहमान ने संकेत दिए कि बीएनपी अब पुराने ढांचे और नीतियों से आगे बढ़कर नई राजनीतिक वास्तविकताओं के अनुरूप अपनी रणनीति तय करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलाव और जनसंपर्क अभियान तेज किए जा सकते हैं।

लंबे निर्वासन के बाद वापसी
तारिक रहमान ने 17 वर्षों का स्व-निर्वासन लंदन में बिताया। वह 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे थे। उनकी वापसी को बीएनपी के लिए एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना गया, क्योंकि वह लंबे समय से पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में देखे जाते रहे हैं। खालिदा जिया के निधन के बाद उनकी अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को स्वाभाविक उत्तराधिकार के रूप में देखा जा रहा है।

भारतीय उच्चायुक्त से मुलाकात
इस बीच, एएनआइ के अनुसार, बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय कुमार वर्मा ने शनिवार को बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब बांग्लादेश का राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। जुलाई 2024 में शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था।

क्षेत्रीय और आंतरिक चुनौतियां
यह मुलाकात ऐसे दौर में हुई है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तारिक रहमान की अध्यक्षता में बीएनपी की विदेश नीति और पड़ोसी देशों, खासकर भारत के साथ संबंधों को लेकर रुख पर भी नजर रखी जाएगी।

आगे की राह
तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी के सामने न केवल संगठन को मजबूत करने की चुनौती है, बल्कि बदलते राजनीतिक माहौल में अपनी भूमिका को स्पष्ट करने की भी जरूरत है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नया अध्यक्ष बीएनपी को एकजुट कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि तारिक रहमान की अगुवाई में बीएनपी बांग्लादेश की राजनीति में किस तरह अपनी नई भूमिका गढ़ती है।

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