पाकिस्तान में हिंदू किसान की हत्या, हजारों लोग सड़कों पर उतरे; प्रशासन को झुकना पड़ा

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक हिंदू युवक की हत्या के बाद तनाव फैल गया। 22 वर्षीय किसान कैलाश कोहली की हत्या से आक्रोशित हिंदू समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और थार कोयला मार्ग पर यातायात ठप कर दिया।

Update: 2026-01-11 00:03 GMT
बदीन (सिंध)। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक हिंदू युवक की हत्या के बाद तनाव फैल गया। 22 वर्षीय किसान कैलाश कोहली की हत्या से आक्रोशित हिंदू समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और थार कोयला मार्ग पर यातायात ठप कर दिया। कई घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया, हालांकि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम जारी किया गया है।

चार जनवरी को हुई थी हत्या
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कैलाश कोहली की हत्या चार जनवरी को तलहार के पास हुई थी। कैलाश पेशे से किसान था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों का आरोप है कि जमीन विवाद के चलते जमीन मालिक सरफराज निजामानी ने अपने साथियों की मदद से कैलाश की हत्या कर दी और घटना के बाद से फरार है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने से समुदाय में गहरा रोष फैल गया।

न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग
हत्या के बाद कई दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज हिंदू समुदाय ने बदीन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। हजारों लोगों ने थार कोयला मार्ग पर धरना देकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर पीड़ित हिंदू न होता, तो अब तक आरोपित सलाखों के पीछे होता। समुदाय के नेताओं ने इसे अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का मामला बताते हुए त्वरित और निष्पक्ष न्याय की मांग की।

वकीलों का समर्थन, अदालतों का बहिष्कार
प्रदर्शन को समर्थन देते हुए बदीन जिला बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को अदालती कार्यवाही का बहिष्कार किया। वकीलों का कहना था कि कानून के राज में किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। बार एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि मामले में शामिल सभी आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए।

प्रशासन से तीन दौर की बातचीत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त यासिर भट्टी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कमर रजा जिकानी मौके पर पहुंचे। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई। बातचीत का नेतृत्व पीड़ित के पिता चेतन कोहली ने किया, जिन्होंने अपने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग रखी। उन्होंने कहा कि आश्वासन से नहीं, बल्कि कार्रवाई से ही भरोसा बहाल होगा।

कार्रवाई का आश्वासन, धरना समाप्त
प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं और मामले की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इन आश्वासनों के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई और सड़क से जाम हटाया गया, जिससे यातायात बहाल हो सका।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम
हालांकि प्रदर्शन समाप्त होने के बावजूद समुदाय का गुस्सा थमा नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में मुख्य आरोपित और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे दोबारा और अधिक व्यापक आंदोलन करेंगे। पीड़ित परिवार और समुदाय ने चेतावनी दी है कि न्याय में देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और न्याय तक पहुंच को लेकर सवाल खड़े करती है। स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि अगर प्रशासन अपने वादों पर अमल करता है, तभी पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कायम रह सकेगा। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई और आने वाले एक सप्ताह पर टिकी हैं।

Similar News