मंगोलिया में फुट-एंड-माउथ डिजीज का प्रकोप, सैकड़ो पशुओं को मारा गया

उलानबटोर, मंगोलिया के पश्चिमी प्रांत बायन-उलगी और खोव्द में फुट-एंड-माउथ डिजीज (एफएमडी) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।;

By :  IANS
Update: 2026-06-10 09:03 GMT

उलानबटोर, मंगोलिया के पश्चिमी प्रांत बायन-उलगी और खोव्द में फुट-एंड-माउथ डिजीज (एफएमडी) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते करीब 1,230 से अधिक पशुओं को मार दिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मंगलवार को यह जानकारी देश की जनरल अथॉरिटी फॉर वेटरिनरी सर्विसेज (जीएवीएस) ने दी।

यह बीमारी एक अत्यंत संक्रामक वायरस जनित रोग है, जो गाय, भेड़, बकरी और सूअर जैसे खुर वाले जानवरों को प्रभावित करती है।

अधिकारियों ने बताया कि इन प्रांतों में पाए गए संक्रमण का कारण एफएमडी वायरस का एसएटी-1 स्ट्रेन है, जिसे पहली बार मंगोलिया में पहचाना गया है।

जीएवीएस के अनुसार, एसएटी-1 स्ट्रेन अत्यधिक घातक माना जाता है और यह हवा, दूषित वाहनों और उपकरणों, मनुष्यों और जंगली जानवरों के माध्यम से तेजी से फैल सकता है। इस खतरे को देखते हुए बायन-उलगी और खोव्द प्रांतों को अनिश्चितकाल के लिए हाई अलर्ट पर रख दिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रकोप मई के अंत में पहली बार सामने आया था। वहीं, देश के 21 में से छह अन्य प्रांतों में भी एफएमडी वायरस के ओ स्ट्रेन की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो दुनिया भर में इस बीमारी के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

मंगोलिया में पशुपालन अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और यह देश अपनी सदियों पुरानी घुमंतू जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, 2025 के अंत तक देश में लगभग 5.81 करोड़ पशुधन थे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.8 प्रतिशत अधिक है।

एफएमडी एक गंभीर और तेजी से फैलने वाली पशु बीमारी है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पशुपालन अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डालती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोग सीमाओं के पार भी फैल सकता है और इसके नियंत्रण के लिए सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई आवश्यक होती है। जिन पशुओं को वैक्सीनेशन नहीं लगा है उन पर एफएमडी का ज्यादा खतरा मंडरा रहा है।

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