क्या जेफ्री एपस्टीन ने छोड़ा था सुसाइड नोट? 7 साल से सीलबंद, रिपोर्ट में बड़ा दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना जुलाई 2019 की है, जब एपस्टीन ने पहली बार आत्महत्या की कोशिश की थी। उस समय वह अपनी जेल कोठरी में बेहोश पाया गया था। उसकी गर्दन पर कपड़ा लिपटा हुआ था, जिसके बाद उसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी गई थी।;
वॉशिंगटन। अमेरिका के कुख्यात फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2019 में जेल में मौत से पहले लिखा गया उसका एक कथित सुसाइड नोट अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह नोट पिछले करीब सात साल से सीलबंद रखा गया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बड़ा दावा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कथित सुसाइड नोट सबसे पहले एपस्टीन के सेलमेट निकोलस टार्टाग्लियोन को मिला था। टार्टाग्लियोन एक पूर्व पुलिस अधिकारी है, जिसे कई गंभीर अपराधों, जिनमें हत्या और ड्रग्स से जुड़े मामले शामिल हैं, में दोषी ठहराया जा चुका है और वह फिलहाल उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस खुलासे ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
पहली आत्महत्या की कोशिश से जुड़ा है नोट
रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना जुलाई 2019 की है, जब एपस्टीन ने पहली बार आत्महत्या की कोशिश की थी। उस समय वह अपनी जेल कोठरी में बेहोश पाया गया था। उसकी गर्दन पर कपड़ा लिपटा हुआ था, जिसके बाद उसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी गई थी। इसी घटना के दौरान यह कथित नोट मिलने की बात सामने आई है।
ग्राफिक नॉवेल के अंदर छिपा था नोट
टार्टाग्लियोन ने दावा किया कि उसे यह नोट कोठरी में रखी एक ग्राफिक नॉवेल के अंदर मिला था। बताया गया कि यह पीले रंग के कागज पर लिखा हुआ था, जिसे एक लीगल पैड से फाड़ा गया था। नोट पर “Time to say goodbye” यानी “अलविदा कहने का समय” लिखा हुआ था। इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण संदेश ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है।
वकीलों को सौंपा गया नोट
टार्टाग्लियोन ने यह नोट सीधे जेल अधिकारियों को देने के बजाय अपने वकीलों को सौंप दिया। उसके वकीलों का दावा है कि उन्होंने इस नोट की सत्यता की पुष्टि की थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने यह पुष्टि किस आधार पर की। टार्टाग्लियोन का कहना था कि उसे डर था कि अगर वह यह नोट जेल प्रशासन को देगा, तो एपस्टीन उस पर हमला करने का आरोप लगा सकता है और घटना को अलग तरीके से पेश किया जा सकता है।
सीलबंद क्यों है नोट?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह नोट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, टार्टाग्लियोन के केस की सुनवाई कर रहे एक फेडरल जज ने इस नोट को सीलबंद रखने का आदेश दिया था। इसका मतलब यह है कि इसे अदालत की अनुमति के बिना सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। हैरानी की बात यह भी है कि इस नोट की जांच न तो अमेरिकी न्याय विभाग ने की है और न ही उन एजेंसियों ने, जो एपस्टीन की मौत की जांच में शामिल थीं।
मौत के बाद उठे थे कई सवाल
जेफ्री एपस्टीन को 6 जुलाई 2019 को यौन तस्करी के गंभीर आरोपों में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया था। वह अपने मुकदमे की सुनवाई का इंतजार कर रहा था, तभी अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में उसकी मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर उसकी मौत को आत्महत्या बताया गया, लेकिन इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठे थे।
पहले भी सामने आए थे विवाद
एपस्टीन की पहली कथित आत्महत्या की कोशिश के बाद उसकी गर्दन पर चोट के निशान पाए गए थे। उस समय एपस्टीन ने अपने सेलमेट टार्टाग्लियोन पर हमला करने का आरोप लगाया था, लेकिन टार्टाग्लियोन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम ने पहले ही कई विवादों को जन्म दिया था, और अब इस नए खुलासे ने रहस्य को और गहरा कर दिया है।
नोट सार्वजनिक करने की मांग तेज
अब इस सीलबंद नोट को सार्वजनिक करने की मांग उठने लगी है। कई विशेषज्ञों का मानना है that यह नोट एपस्टीन की मौत से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब दे सकता है। हालांकि, जब तक यह नोट सार्वजनिक नहीं होता, तब तक यह मामला अटकलों और विवादों के दायरे में ही बना रहेगा।
रहस्य अभी भी बरकरार
जेफ्री एपस्टीन की मौत से जुड़ा यह मामला वर्षों बाद भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। कथित सुसाइड नोट का सामने न आना इस रहस्य को और जटिल बना रहा है। आने वाले समय में अगर यह नोट सार्वजनिक होता है, तो संभव है कि इस बहुचर्चित केस के कई पहलुओं पर नई रोशनी पड़े। फिलहाल, यह मामला अभी भी कई अनुत्तरित सवालों के साथ चर्चा में बना हुआ है।