30 अरब रुपये की रिश्वत लेने वाले पूर्व अधिकारी को मौत की सजा, 30 साल तक पद का किया दुरुपयोग

चीन के जियांग्सू प्रांत के चांगझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यांग यौलिन ने वर्ष 1993 से 2023 के बीच करीब 2.21 अरब युआन (लगभग 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर या करीब 30 अरब रुपये) की रिश्वत और अवैध लाभ हासिल किए।;

Update: 2026-07-07 07:27 GMT

बीजिंग। चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक बड़ी न्यायिक कार्रवाई सामने आई है। देश की एक अदालत ने पूर्व वरिष्ठ अधिकारी यांग यौलिन (Yang Youlin) को भारी रिश्वत लेने, सरकारी धन के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। अदालत का कहना है कि यांग ने लगभग तीन दशक तक अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित की, जिससे राज्य और सार्वजनिक हितों को भारी नुकसान पहुंचा।

30 साल में जुटाई 2.21 अरब युआन की अवैध संपत्ति

चीन के जियांग्सू प्रांत के चांगझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यांग यौलिन ने वर्ष 1993 से 2023 के बीच करीब 2.21 अरब युआन (लगभग 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर या करीब 30 अरब रुपये) की रिश्वत और अवैध लाभ हासिल किए। अदालत के अनुसार, यह हाल के वर्षों में सामने आए सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक है। कोर्ट ने रिश्वत लेने के अलावा सरकारी धन के गबन, पद के दुरुपयोग और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों को भी प्रमाणित माना।

इंजीनियरिंग ठेकों और जमीन सौदों में किया प्रभाव का इस्तेमाल

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 69 वर्षीय यांग यौलिन ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान नानजिंग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वह आर्थिक और तकनीकी विकास से जुड़े विभागों में प्रभावशाली अधिकारी रहे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, उन्होंने अपने अधिकार और प्रभाव का इस्तेमाल कर कई लोगों को इंजीनियरिंग ठेके, भूमि हस्तांतरण, वित्तीय सुविधाएं और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में मदद की। इसके बदले उन्होंने नकद राशि, महंगे उपहार और अन्य मूल्यवान संपत्तियों के रूप में भारी रिश्वत स्वीकार की।

शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत हुई जांच

यह मामला चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत सामने आया। इस अभियान के दौरान सेना, बैंकिंग क्षेत्र, सरकारी कंपनियों और विभिन्न प्रशासनिक संस्थानों के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, कुछ आलोचकों का आरोप है कि इस अभियान का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के लिए भी किया जाता है। चीन सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है और अभियान को सुशासन तथा प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम बताती है।

अदालत में जुर्म स्वीकार कियाअदालत ने बताया कि सुनवाई के दौरान यांग यौलिन ने अपने अपराध स्वीकार कर लिए और अपने कृत्यों पर पछतावा भी व्यक्त किया। उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया और कुछ मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई। इसके बावजूद अदालत ने कहा कि उनके अपराधों की गंभीरता इतनी अधिक है कि सहयोग और स्वीकारोक्ति के आधार पर सजा में कोई नरमी नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जारी तस्वीरों में यांग को दो पुलिस अधिकारियों के बीच अदालत में पेश होते हुए भी दिखाया।

संपत्ति जब्त करने और रिश्वत की रकम वसूलने का आदेश

इस मामले की सार्वजनिक सुनवाई मार्च और अप्रैल में दो अलग-अलग तारीखों पर हुई थी, जिसमें 30 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। अदालत ने आदेश दिया कि यांग यौलिन की व्यक्तिगत संपत्ति जब्त की जाए और रिश्वत के जरिए अर्जित पूरी अवैध राशि की वसूली की जाए। अदालत ने संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं कि अवैध रूप से अर्जित सभी संपत्तियां सरकार के कब्जे में ली जाएं।

चीन में भ्रष्टाचार पर पहले भी हुई हैं कड़ी कार्रवाई

चीन में बड़े भ्रष्टाचार मामलों में मौत की सजा सुनाए जाने की घटनाएं नई नहीं हैं। वर्ष 2021 में सरकारी स्वामित्व वाली एक वित्तीय कंपनी के पूर्व पार्टी सचिव लाई शियाओमिन को रिश्वतखोरी, गबन और अन्य मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद मृत्युदंड दिया गया था और बाद में उनकी फांसी भी हुई। इसी तरह वर्ष 2024 में इनर मंगोलिया के पूर्व अधिकारी ली जियानपिंग को भी भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद मृत्युदंड दिया गया था।

भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश

यांग यौलिन को सुनाई गई सजा चीन सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक और उदाहरण मानी जा रही है। यह मामला दिखाता है कि चीन में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस अभियान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक उद्देश्यों के आरोप भी समय-समय पर उठते रहे हैं। फिर भी चीन सरकार का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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