भारतीय संस्कृति ने मां-बाप का सम्मान सिखाया : बेग
भाईचारा मिशन की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय आरिफ बेग के बेटे और भाईचारा मिशन के कार्यवाहक अध्यक्ष नूरुल हसन बेग ने भाईचारा मिशन की बैठक को संबोधित किया
नई दिल्ली। भाईचारा मिशन की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय आरिफ बेग के बेटे और भाईचारा मिशन के कार्यवाहक अध्यक्ष नूरुल हसन बेग ने भाईचारा मिशन की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह इत्तेफाक है कि दशहरा गया और मुहर्रम है और इन त्योहारों से हमें त्याग तपस्या और सच्चाई की जीत की प्रेरणा मिलती है और मां-बाप का सम्मान करके ही पुरुषोत्तम राम 14 वर्ष के लिए वनवास गए।
विदित हो कि भाईचारा मिशन की मासिक बैठक की शुरुआत 1978 ईस्वी में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय आरिफ बेग साहब के मार्गदर्शन से शुरू हो कर हर महीने के पहले रविवार को आज तक हो रही है। मंच का संचालन हमारा नारा भाईचारा मिशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता मुहम्मद बिलाल शबगा ने किया।
मुजफ्फरनगर से आए मिशन के राष्ट्रीय प्रचारक मास्टर इसरार ने बताया कि हमें ज्यादा से ज्यादा इल्म हासिल करना चाहिए और इल्म वह नहीं जो आपने हासिल किया है इल्म वो है जो आपके अम्ल और किरदार से जाहिर हो। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और बेग साहब के निजी सचिव रहे सत्यदेव राय जी ने कहा की व्यक्तित्व निर्माण में संस्कारों की भूमिका अहम होती है।
इस मौके पर हरियाणा के मेवात से इस्लाम अहमद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मलिक जहीन मौलाना हिफजुर्रहमान बहादुर गढ़ से शराफत हुसैन हिंद, भोपाल से आए युवा सामाजिक कार्यकर्ता मुनीश खान आजाद, जावेद मंसूरी, मुमताज, डॉक्टर इक़बाल गोरी, दिलदार हुसैन बेग, मंगल सिंह सिसोदिया, संजय राणा प्रकृति भक्तजनों संगठन के विक्रम चौहान, मुरलीधर उपाध्याय, नवीन चौटाला, सुनील कुमार, सागर चौहान आदि आदि ने अपने अपने विचार रखे।