संतकबीरनगर में जिंदा युवक के नाम पर शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा दिया उसके घर

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में जिला प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब कोरोना संदिग्ध को मृत बताकर एक अन्य व्यक्ति का शव उसके घर भेज दिया।

Update: 2020-05-26 19:09 GMT

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में जिला प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब कोरोना संदिग्ध को मृत बताकर एक अन्य व्यक्ति का शव उसके घर भेज दिया।

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि संतकबीरनगर का एक संदिग्ध युवक बस्ती में भर्ती है। बस्ती जिले में स्थित कैली हास्पिटल (नवस्थापित मेडिकल कालेज) प्रशासन ने एक मृत व्यक्ति का शव का अंतिम संस्कार के लिए उसके घर भेज दिया। अंतिम संस्कार के समय उसके पिता ने अपना पुत्र होने से इनकार कर दिया। पता चला कि जिसे मृतक बताया गया वह जिंदा है और अस्पताल में भर्ती है। मरने वाला व्यक्ति संतकबीरनगर जिले के ही धर्मसिंहवा क्षेत्र का दूसरा व्यक्ति है। इसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

उन्होंने बताया कि बस्ती के कैली अस्पताल में संतकबीरनगर के कुछ लोगों को कोरोना संदिग्ध के रूप में भर्ती कराया गया है। वे पिछले दिनों गैर प्रांतों से आए थे और स्क्रीनिंग में उनमें कोरोना के प्रारंभिक लक्षण प्रतीत होने पर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। उन्हें कैली अस्पताल बस्ती में भर्ती कराया गया था। इनमें से दो लोगों की मृत्यु कल हो गई थी। मृतकों में से एक को संतकबीरनगर जिले के महुली क्षेत्र के मथुरापुर गांव निवासी 25 वर्षीय युवक को मृत घोषित कर उसका शव एंबुलेंस से उसके गांव भेज दिया।

परिजनों के मुताबिक कुआनो नदी के मुखलिसपुर घाट पर पुलिस की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार को ले जाया गया जहां पिता ने चेहरा देखा तो बेटे का शव होने से इनकार कर दिया। दरअसल शव धर्मसिंहवा इलाके के महादेवा नानकार के 47 वर्षीय पॉजिटिव शख्स का निकला।

उन्होंने बताया कि पॉजिटिव मृतक भी कैली अस्पताल में भर्ती था और सोमवार रात में ही उसकी मौत हो गई थी।

जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि महुली इलाके के मथुरापुर गांव का 25 वर्षीय युवक बस्ती कैली में कमरा नंबर 229 में बेड नंबर पांच पर भर्ती है और जीवित है। धर्मसिंहवा के महादेवा नानकार के रहने वाले पाजिटिव 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत कैली में हुई थी। उन्होंने बताया कि फोन से गलत सूचना दिए जाने से गलतफहमी हुई। मथुरापुर के युवक की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मृतक पॉजिटिव महादेवा नानकार के शख्स के शव का अंतिम संस्कार कोविड के प्रोटोकॉल के अनुसार होगा। इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।

गौरतलब है कि जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोरोना को लेकर तटस्थ बने हुए हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंप दिए हैं। जिले का नागरिक प्रशासन विपरीत परिस्थितियों में कोरोना से निपटने में जुटा है। इन्हीं परिस्थितियों में यह घटनाक्रम हुआ जिसको लेकर प्रशासन चिंतित है। बहरहाल समय रहते गलती सुधार ली गई है और मृतक का अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल के तहत कराया गया।
 

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