तेजस्वी के हाथों में अब RJD की कमान, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चुने गए कार्यकारी अध्यक्ष
आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आरजेडी महासचिव भोला यादव ने तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा था।
पटना। पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में तेजस्वी यादव का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि तेजस्वी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव आरजेडी महासचिव भोला यादव ने रखा, जिस पर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से मोहर लगा दी।
इस बैठक में आरजेडी प्रमुख लालू यादव, राबड़ी देवी, संजय यादव और मीसा भारती समेत आरजेडी के तमाम पदाधिकारी शामिल हैं। वहीं, बैठक में जाने से पहले आरजेडी के नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव आता है तो उसका पूर्ण समर्थन किया जाएगा। साथ ही बैठक में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा होगी और हम चुनाव क्यों हारे इसकी भी समीक्षा होगी।
संजय के साथ पहुंचे तेजस्वी
वहीं, तमाम आरोपों और परिवार में आंतरिक कलह के बावजूद तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने के लिए अपने करीबी संजय यादव के साथ पहुंचे हैं। आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा, 'तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव आता है तो उसका समर्थन किया जाएगा। पूर्व विधायक मुकेश रौशन ने भी यही राय जताई कि तेजस्वी यादव ही वर्तमान में नेतृत्व कर रहे हैं और कार्यकारी अध्यक्ष बनते हैं तो इसका स्वागत होगा।
विधायक सर्वजीत कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश यादव ने भी बैठक के एजेंडे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैठक में संगठन को मजबूत करने पर मुख्य चर्चा होगी और हालिया चुनावों में पार्टी क्यों हारी, इसकी गहन समीक्षा भी की जाएगी। नेताओं का मानना है कि संगठनात्मक ढांचे में सुधार, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना और भविष्य की रणनीति तय करना इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होगा।
लालू यादव कर रहे हैं बैठक की अध्यक्षता
बताया जा रहा है कि इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कर रहे हैं। होटल मौर्या के लोकनायक जयप्रकाश नारायण सभागार में होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 85 सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्यों सहित कुल 200 से अधिक लोग शामिल होंगे। विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, सांसद, विधायक और विधान पार्षद भी भाग ले रहे हैं। 20 से अधिक प्रदेशों के प्रतिनिधि पहले ही पटना पहुंच चुके हैं।