महानदी में रेत का अवैध उत्खनन, प्रशासन मौन

महानदी के रेत खदानों में पर्यावरण के नियमों को ताक में रखकर रेत माफिया द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जा रहा है.....

Update: 2017-05-28 13:11 GMT

जांजगीर। महानदी के रेत खदानों में पर्यावरण के नियमों को ताक में रखकर रेत माफिया द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जा रहा है। खदान में रेत उत्खनन करने वाले मशीन व मालिकों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं प्रशासन अमला उदासीन रवैया अपना रही है। राजनितिक दबाव रेत माफियों पर कार्रवाई के बजाय संरक्षण मिलने से हौसले बुलंद है। जिसके चलते रेत माफिया मालामाल हो रहे है और प्रशासन को बिना रायल्टी दिये रेत उत्खनन करने से लाखों का राजस्व क्षति हो रहा है। 

विदित है कि शिवरीनारायण रेत खदान खसरा नं.1111 रकबा 20 हेक्टेयर नगर के पंचायत शिवरीनारायण के नाम पर 16 मार्च 2018 तक के लिए लीज स्वीकृत है, लेकिन इस रेत खदान में रेत माफियों के द्वारा चैन माउनटैन मशीन से चौबिसों घंटों रेत उत्खनन एवं वाहन में लोडिंग का कार्य किया जा रहा है। जो पर्यावरण के नियमों के विपरीत है विगत दिनों विभिन्न समाचार पत्रों में नगर पंचायत शिवरीनारायण के संरक्षण में रेत माफियों द्वारा रेत के कारोबार को अंजाम दिये जाने के आशय से संबंधित समाचार  प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी, जिसमें मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविन्द्र शुक्ला ने कहा है कि उन्हें रेत खदान में मशीन से रेत उत्खनन किए जाने की जानकारी नहीं है यदि खदान में मशनी रेत उत्खनन हो रहा होगा तो वे मशीन एवं उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई हेतु थाने में एफआईआर दर्ज कराएंगे।

इस तरह का बयान दिऐ उन्हें लगभग 45 दिन से अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविन्द्र शुक्ला ने शिवरीनारायण रेत खदान में रेत उत्खनन करने वाली मशीन एवं उसके मालिक के खिालफ थाने में एफआईआर दर्ज नहीं कराया है। जबकि शिवरीनारायण रेत खदान में मशीन से रेत उत्खनन एवं लोडिंग का कार्य निरंतर चौबिसों घंटे बिना बैखौफ अभी भी जारी जिससे मुख्य नगरपालिका अधिकारी की स्थिति संदेहस्पद है। इसी तरह खनिज इंपेक्टर पीडी जाड़े ने भी अपनी दिए बयान में कहा कि पूर्व में शिवरीनारायण रेत खदान में रेत उत्खनन करने वाली मशीन को सीज किया था। फिर जांच कर कार्रवाई करेंगे लेकिन अभी तक खनिज विभाग के किसी अधिकारी द्वारा शिवरीनारायण रेत खदान में रेत उत्खनन करने वाली मशीन को आज पर्यन्त सीज नहीं किया गया।

इससे स्पष्ट है कि संबंधित विभाग के अधिकारी के मिलीभगत एवं संरक्षण में ही शिवरीनारायण रेत खदान में रेत उत्खनन चैन माउंटेन मशीन से हो रही है और अधिकारी कार्रवाई करने कि बात कह कर केवल समय टाल रहे है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत  शिवरीनारायण के पार्षद एवं पूर्व उपाध्यक्ष अजीत सेन तिवारी ने बताया कि वे सवयं शिवरीनारायण रेत खदान में चैन माउंटेन मशीन से रेत उत्खनन एवं लोडिंग किये जाने की शिकायत मुख्य नगरपालिका अधिकारी शिवरीनारायण थाना शिवरीनारायण  तथा खनिज अधिकारी जांजगीर से करते हुए कार्रवाई करने की मांग किया था, जिस पर उक्त अधिकारियों ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं किया उन्होंने यह भी कहा कि रेत माफिया से संबंधित व्यक्ति सत्ता पक्ष से जुड़े हुए है और यहां नगर पंचायत अध्यक्ष से लेकर क्षेत्र का विधायक सांसद सभी भाजप के है इसलिए राजनैतिक दबाव के कारण अधिकारी रेत माफियों के खिलाफ कार्रवाई करने से डर रहे है। 
 

खुले में हो रहा रेत परिवहन 
ज्ञात है कि पर्यावरण कि नियमों के अनुसार रेत परिवहन के समय रेत को तिरपाल से ढका होना चाहिए लेकिन रेत परिवहन के समय इन नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा है और परिवहन के समय रेत वाहनों में खुला ही रहता है जिससे हवा में उड़कर रेत की कण सड़कों में गिर रहा है, जिससे इन वाहनो पिछे चलने वाली छोटी वाहनों एवं पैदल चलन वाले राहगीरो के साथ दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इस स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय मानवाधिकार संगठन के छग प्रदेशाध्यक्ष रूपेश सोनी ने खुल में रेत परिवहन करने वाले वाहनों के विरूद्ध शिवरीनारायण थाने में शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग किया है फिर भी पुलिस द्वारा इस ओर कोई कार्रवाई नही किया जा रहा है। फलस्वरूप आज भी खुले में रेत परिवहन धड़ल्ले से जारी है। 
 

बिना रायल्टी रेत परिवहन शासन को हो रही आर्थिक क्षति
पर्यावरण के नियमानुसार रेत घाट में रेत का उत्खनन एवं निकासी पर पूण्र प्रतिबंध है, लेकिन शिवरीनारायण रेत खदान में दिन रात रेत उत्खनन एवं निकासी हो रहा है यहां रेत माफिया चैन माउनटैन मशीन से दिन रात रेत उत्खनन एवं लोडिंग का कार्य कर रहे है। वर्तमान में भीषण गर्मी के चलते आसपास के रेत आपूर्तिकर्ता दिन के बजाए रात्रि में रेत निकासी की समय का उल्लेख करना पड़ता है रत्रि में रेत निकासी पर पूर्णप्रतिबंध होने के कारण रायल्टी में रात्रि के समय का उल्लेख करने से रायल्टी नियम विरूद्ध होगा और ओर पकड़े जाने पर रायल्टी काटने वाले पर कार्रवाई हो सकती है। इसलिए रात्रि में रेत परिवहन है, चूंकि यहां रेत माफियों का सारा कारोबार नगर पंचायत एवं खनिज विभाग के संरक्षण में हो रहा है। इसलिए किसी को भी कार्रवाई का कोई भय नहीं है। 
 

शीघ्र होगी कार्रवाई-सीएमओ
इस संबंध में सीएमओ रविन्द्र शुक्ला का कहना है कि कार्यालीन कार्य से लगातार बाहर होने के कारण मशीन व उसके मालिक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है। इनके खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जावेगी
 

उत्खनन पर होगी कार्रवाई- जाड़े
पीडी जाड़े खनिज इंपेक्टर का कहना है कि शि.ना. रेत घाट में मशीन से रेत उत्खनन का प्रकरण दर्ज कर 40 हजार रूपए जुर्माना किया गया है। यदि अभी भी मशीन से रेत का उत्खनन हो रहा होगा, तो आगे भी कार्रवाई की जावेगी। 

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