मैं फिल्मी सितारा नहीं आपके घरों का 'दीपक' हूं: कमल हासन
अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के घर से अपने राजनीतिक पारी की शुरुआत की और कहा कि वह अब फिल्मी सितारा नहीं, बल्कि लोगों के घरों का 'दीपक' हैं
रामनाथपुरम। अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के घर से अपने राजनीतिक पारी की शुरुआत की और कहा कि वह अब फिल्मी सितारा नहीं, बल्कि लोगों के घरों का 'दीपक' हैं। कमल ने मदुरै जाने के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "आप को चाहिए कि घरों के दीपक की तरह मेरी सुरक्षा करें।"
Greatness can come from the simplest of houses and this is one of them. I am touched: Kamal Haasan after visiting APJ Abdul Kalam's house & meeting his brother & sister-in-law in Rameswaram #TamilNadu pic.twitter.com/QDxsIGDenK
कमल मदुरै में होने वाली रैली में अपनी पार्टी के नाम और झंडे का खुलासा करेंगे। कमल ने रामेश्वरम स्थित दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति के बड़े भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
#TamilNadu: Kamal Haasan interacts with fishermen community in Rameswaram pic.twitter.com/5nLDfVmvTK
#WATCH Kamal Haasan addresses the media in Rameswaram https://t.co/N0yXrHOuYJ
इस मौके पर अभिनेता ने ट्वीट किया, "साधारण शुरुआत से महानता आ सकती है। वास्तव में यह केवल सरलता से आ सकती है। अपनी यात्रा की शुरुआत महान व्यक्ति के साधारण घर से कर के खुशी हो रही है।"
Greatness can come from simple beginnings. Actually it will come only from simplicity. Glad to start my journey from a great man’s simple abode. #maiam
प्राप्त रपट के अनुसार, "कमल यहां के बाद मंडपम में एक सरकारी स्कूल जाने वाले थे, जहां कलाम ने पढ़ाई की थी, लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति नहीं दी।" एक हिंदू संगठन के नेता ने एक टीवी चैनल से कहा कि उनलोगों ने कमल के स्कूल आने का विरोध किया, क्योंकि वह राजनीतिक फायदा उठाना चाहते थे।
बाद में रामेश्वरम में मछुआरा समुदाय के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "यह तमिलनाडु का सबसे महत्वपूर्ण उद्योग है। मैं मछुआरों के विचार सुनने के लिए दोबारा आऊंगा।"
रामेश्वरम में कई 'नालाई नामाधे(कल हमारा है)' लिखे हुए कई झंडे सफेद रंग में दिखे, जिस पर काले रंग में तमिलनाडु का नक्शा बना हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई की नेता तमिलसाई सुंदरराजन ने पत्रकारों से कहा कि 'ऐसा लगता है कि कमल ने किसी के साथ स्पर्धा करने के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी की शुरुआत की है।' उनका इशारा संभवत: सुपरस्टार रजनीकांत से था, जिन्होंने भी अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा, "कोई भी अपनी पार्टी बना सकता है, तमिलनाडु उस स्थिति में नहीं है कि उसे केवल कमल ही बचा सकते हैं।" उन्होंने कहा, "50 वर्षो तक अपने आप को फिल्मों में खपाने वाले, ये अभिनेता अचानक राजनीति में प्रवेश कर जाते हैं, जो कि तमिलनाडु के लोग स्वीकार नहीं करेंगे।"
वहीं दूसरी ओर, दलित नेता थोल थिरुमावलन ने पत्रकारों से कहा कि कमल और रजनीकांत तमिलनाडु में डीएमके को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा के एजेंट है।
इससे पहले मंगलवार शाम यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(द्रमुक) ने उनपर निशाना साधते हुए कहा कि कागज के वे फूल, जिनमें खुशबू नहीं होती, वे केवल एक मौसम में खिलते हैं, लेकिन जल्द ही मुरझा जाते हैं।
इसपर कमल ने कहा, "मैं कागज का फूल नहीं हूं, बल्कि एक बीज हूं। मुझे रोपों और मैं बड़ा हो जाऊंगा।"
अखिल भारतीय अन्ना द्रमुक मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के नेता और मंत्री डी. जयकुमार ने कहा कि वह स्टालिन से सहमत हैं कि ये सब कागज के फूल हैं और 'एक जीन परिवर्धित बीज हैं, जो नहीं उगेगा नहीं।'
मदुरै पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मदुरै में पार्टी का झंडा शाम को फहराएगा, और उस समय झंडे के पीछे के विचार के बारे में बताया जाएगा।" कमल ने द्रमुक अध्यक्ष एम. करुणानिधि से आशीर्वाद लेने के लिए गोपालपुरम स्थित उनके आवास पर उनसे मुलाकात की थी। स्टालिन भी उस वक्त वहां उपस्थित थे।
Kamal Haasan visits Kalam Memorial in Ramanathapuram in #TamilNadu. pic.twitter.com/nWOOgexDPj