अस्पताल परिसर में खुलेआम गांजे का कश,असामाजिक तत्वों का डेरा
बिलासपुर । जिला चिकित्सालय परिसर में बना शेड अब नशेडिय़ों का अड्डा बन गया है। यहां खुलेआम गांजे के कश लगाये जा रहे हैं, व नशीली दवाओं का सेवन किया जाता है।;
मरीजों के परिजनों के लिए बने शेड में नशाखोरी, असामाजिक तत्वों का डेरा
बिलासपुर । जिला चिकित्सालय परिसर में बना शेड अब नशेडिय़ों का अड्डा बन गया है। यहां खुलेआम गांजे के कश लगाये जा रहे हैं, व नशीली दवाओं का सेवन किया जाता है। अस्पताल के ओएसटी सेंटर व परिजन शेड में असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है।
जिला अस्पताल में बना परिजन शेड इन दिनों नशेडिय़ों का अड्डा बन गया है। यहां खुलेआम लोग नशा कर रहे हैं। इन पर अस्पताल प्रबंधन व नगर सैनिक भी लगाम नहीं लगा पा रहे है। जिससे जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों व भर्ती मरीजों के परिजनों के साथ-साथ महिला स्टाफ कर्मियों की सुरक्षा खतरे में है। कभी भी यहां कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
पूर्व में भी ओएसटी सेंटर के सामने ही असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट, चोरी, झगड़े हो चुके हैं। पहले जिला अस्पताल के पीछे स्थित ओएसटी सेंटर के बाहर व पोस्टमार्टम भवन के सामने लोग नशा करते थे लेकिन अब परिजन शेड के बन जाने से असमाजिक तत्वों ने इसे नया अड्डा बना लिया है। जबकि अस्पताल प्रबंधन ने कुछ माह पहले कहा था कि परिजन शेड में जाली बंद किया जाएगा लेकिन शेड चारों तरफ से खुला हुआ है।
जिला अस्पताल में पहले भी ओएसटी सेंटर में नशेडिय़ों द्वारा उत्पात मचाया गया है जो कि जगजाहिर है। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने यहां गार्ड की तैनाती नहीं की। उसके बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा होमगार्ड के जवानों को सौंप दी गई। फिर भी कोई भी जवान इन नशेडिय़ों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। जिससे अस्पताल की सुरक्षा भगवान भरोसे है। अस्पताल के ठीक मुख्य द्वार पर पुलिस चौकी है, उसके बाद भी संदिग्ध लोगों को परिसर के अंदर आने दिया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही एक असामाजिक तत्वों ने ओपीडी में जमकर हंगामा मचाया था और पिछले माह ही अस्पताल में इलाज के लिए आये एक दंपत्ति का किसी ने पर्स पार कर दिया था। उसके बाद भी इस मरह की लापरवाही अस्पताल प्रबंधन व सुरक्षा में लगे गार्डों द्वारा देखी जा रही है।
सुरक्षा कर्मी तैनात होंगे
अस्पताल के पीछे ओएसटी सेंटर व परिजन शेड में कुछ लोगों द्वारा नशा करने की शिकायत मिली है। अब वहां पर सुरक्षा के दृष्टि से गार्ड की तैनाती की जाएगी, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व अस्पताल व परिसर में ना आ पाये।
डा. एस एस बाजपेयी
सिविल सर्जन
जिला अस्पताल