बर्खास्त सुपरवाइजर को हाईकोर्ट से राहत

बिलासपुर ! महिला बाल विकास विभाग के एक सुपरवाइजर को अनुपस्थित बताकर सेवा मुक्त कर देने के मामले में हाईकोर्ट ने विभागीय सचिव को नोटिस जारी किया है।;

Update: 2017-03-10 02:07 GMT

बिलासपुर !   महिला बाल विकास विभाग के एक सुपरवाइजर को अनुपस्थित बताकर सेवा मुक्त कर देने के मामले में हाईकोर्ट ने विभागीय सचिव को नोटिस जारी किया है। सुपरवाइजर की याचिका पूर्व  में आदेश दिया था कि उसके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले का निराकरण किया जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका पेश कर वर्तमान महिला एवं बाल विकास सचिव को पक्षकार बनाने हाईकोर्ट से मांग की गई थी जिस पर यह नोटिस जारी किया।
जानकारी के अनुसार चारामा जिला कांकेर में सावित्री मंडावी महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थी पारिवारिक कारणों से उन्होंने वर्ष 2007 में अपने विभाग में वीआरएस के लिए आवेदन किया जिस पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीडि़ता की याचिका पर हाईकोर्ट ने तीन माह में प्रकरण के निराकरण के लिए आदेश दिया लेकिन विभाग द्वारा निराकरण नहीं किया गया बल्कि 2012-13 में पीडि़ता को लगातार अनुपस्थित होना बताकर बिना विभागीय जांच के ही सेवामुक्त कर दिया। हाईकोर्ट ने जुलाई 2015 में पीडि़त को विभाग में अपील करने कहा और विभाग को छ: माह के भीतर मामले को निराकृत करने का आदेश दिया लेकिन फिर भी विभाग द्वारा निराकरण नहीं किया गया। जिस पर पीडि़त ने तत्कालीन महिला एवं बाल विकास सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका पेश की। पीडि़ता ने आज वर्तमान महिला एवं बाल विकास सचिव को पक्षकार बनाने का मांग की जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किया।

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