हरियाणा पंचायत चुनाव: उम्मीदवारों को बताने होंगे आपराधिक मामले

हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं

Update: 2026-04-07 05:03 GMT

चुनाव आयोग का सख्त निर्देश, अपराध छिपाना अब नामुमकिन

  • तीन बार अखबारों में छपवानी होगी घोषणा, टीवी पर भी अनिवार्य प्रसारण
  • राजनीतिक दलों पर भी जिम्मेदारी तय, रिपोर्ट सौंपनी होगी चुनाव बाद

चंडीगढ़। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, लंबित हैं या जिनमें वे दोषी ठहराए जा चुके हैं, उन्हें इसकी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, ऐसे उम्मीदवारों को अपने आपराधिक मामलों की जानकारी कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित करनी होगी। यह घोषणा नाम वापसी की अंतिम तिथि के अगले दिन से लेकर मतदान से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार प्रकाशित करानी होगी।

उम्मीदवारों को संबंधित अखबारों की प्रतियां भी जमा करनी होंगी। इसके अलावा, इस अवधि के दौरान स्थानीय टीवी चैनल या केबल नेटवर्क पर भी यह घोषणा प्रसारित करना अनिवार्य होगा, जो मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले तक पूरी हो जानी चाहिए।

प्रवक्ता ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि नाम वापसी की अंतिम तिथि 10 तारीख है और मतदान 20 तारीख को है, तो 11 से 18 तारीख के बीच कम से कम तीन अलग-अलग दिनों में यह घोषणा प्रकाशित करनी होगी।

राजनीतिक दलों पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। यदि कोई दल आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार को टिकट देता है, तो उसे अपनी वेबसाइट, स्थानीय टीवी चैनलों और एक हिंदी व एक अंग्रेजी अखबार में इसकी जानकारी प्रकाशित करनी होगी। साथ ही, उम्मीदवार को यह घोषित करना होगा कि उसने अपने मामलों की जानकारी पार्टी को दे दी है।

इसके अतिरिक्त, संबंधित राजनीतिक दलों को चुनाव समाप्ति के 30 दिनों के भीतर उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें इन निर्देशों के पालन की पुष्टि और प्रकाशित घोषणाओं की प्रतियां संलग्न करनी होंगी।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश भविष्य में होने वाले सभी पंचायत आम और उपचुनावों में लागू होंगे।

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