गुरुग्राम में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, सिक्योरिटी ऑफिसर ने पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या की

पुलिस जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। शनिवार देर रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई।;

Update: 2026-06-07 08:47 GMT

गुरुग्राम: साइबर सिटी के अशोक विहार इलाके में रविवार तड़के एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 50 वर्षीय सुरक्षा अधिकारी ने घरेलू विवाद के बाद अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहशत और सदमे में डाल दिया है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पत्नी और बेटे की मौके पर ही मौत

मृतकों की पहचान 45 वर्षीय आशा और 25 वर्षीय प्रशांत के रूप में हुई है। आशा एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थीं। वहीं उनका बेटा प्रशांत अपने माता-पिता के साथ ही रहता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। शनिवार देर रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान कमरे में सो रहा बेटा शोर सुनकर बाहर आया और विवाद को शांत कराने की कोशिश करने लगा, लेकिन हालात और बिगड़ गए।

विवाद के दौरान चली गोलियां, परिवार खत्म

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बहस के दौरान आरोपी अनिल ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाल ली और अचानक पत्नी व बेटे पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने रात के समय कई गोलियों की आवाज सुनी, जिसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे। घर के अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहां मां और बेटा खून से लथपथ पड़े थे।

घटना के बाद शवों के पास बैठा रहा आरोपी

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद आरोपी भागा नहीं, बल्कि घर के अंदर ही दोनों शवों के पास बैठा रहा। पड़ोसियों ने जब इसकी सूचना पुलिस को दी, तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को नागरिक अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पूरे घर को सील कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस हिरासत में आरोपी, पूछताछ जारी

पुलिस ने आरोपी अनिल को मौके से ही हिरासत में ले लिया। उसे पालम विहार थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही, पुलिस उसके व्यक्तिगत और पेशेवर रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है ताकि यह समझा जा सके कि तनाव या किसी अन्य कारण ने इस घटना को जन्म दिया।

शिक्षक से सिक्योरिटी ऑफिसर तक का सफर

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी अनिल वर्तमान में एक निजी कंपनी में सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत था। इससे पहले वह कई स्कूलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीटी टीचर) और स्पोर्ट्स ट्रेनर के रूप में भी काम कर चुका था। उसकी पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी मानसिक तनाव या अन्य व्यक्तिगत कारणों ने इस भयावह घटना को जन्म दिया।

इलाके में दहशत और सदमे का माहौल

घटना के बाद अशोक विहार इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक सामान्य पारिवारिक विवाद इतना गंभीर रूप ले सकता है कि पूरा परिवार खत्म हो जाए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों के बढ़ते गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है।

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