गुजरात में साइबर ठगी पर पुलिस का शिकंजा, 7 करोड़ के दो मामलों में एक गिरफ्तार
गुजरात के सूरत साइबर क्राइम सेल ने 28 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी के दो मामलों में इस्तेमाल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस को इस अकाउंट से 2.72 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन और अलग-अलग राज्यों में इससे जुड़ी 37 शिकायतें मिली हैं।;
सूरत। गुजरात के सूरत साइबर क्राइम सेल ने 28 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी के दो मामलों में इस्तेमाल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस को इस अकाउंट से 2.72 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन और अलग-अलग राज्यों में इससे जुड़ी 37 शिकायतें मिली हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि भावनगर जिले के वाव के रहने वाले अश्विन गोहिल नाम के आरोपी को सूरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मामलों की तकनीकी जांच के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, धोखाधड़ी करने वालों ने शिकायतकर्ता के बेटे से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संपर्क किया और उसे शेयर बाजार और 'बीआरपी फंड 100-डे वेल्थ लीप प्रोग्राम' में निवेश पर 390 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच दिया।
पहले मामले में आरोपी ने कथित तौर पर 'बीआरपी फंड 104-डे वेल्थ लीप प्रोग्राम' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया और पीड़ित को एक फर्जी वेबसाइट पर भेजा।
पुलिस ने बताया कि वेबसाइट पर झूठा मुनाफा दिखाया गया और पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में 5.99 लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए उकसाया गया।
दूसरे मामले में पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए कथित तौर पर 'बीआरपी फंड-ग्रो टुगेदर-008' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया गया और फिर उसे एक और फर्जी वेबसाइट पर भेजा गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अलग-अलग बैंक खातों में 19.60 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
पुलिस ने बताया कि गोहिल को कथित तौर पर पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी सत्यजीत मंजारिया से कमीशन के बदले आईसीआईसीआई बैंक का करंट अकाउंट मिला था।
इसके बाद गोहिल ने यह अकाउंट पंकजकुमार रमानी को 3,000 रुपए में दे दिया, जबकि रमानी ने कथित तौर पर इसे एक और आरोपी विवेक बेल्डिया को 5,000 रुपए में सौंप दिया।
बेल्डिया ने कथित तौर पर यह अकाउंट फरार आरोपी को साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल के लिए 26,000 रुपए में दे दिया। पुलिस के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक के करंट अकाउंट से कुल 2,72,97,899.50 रुपए का लेन-देन किया गया था।
पुलिस ने बताया, "नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अकाउंट की जांच करने पर अलग-अलग राज्यों से 37 शिकायतें भी मिलीं, जिनमें 7,01,47,845 रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया।"
पहले गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान अहमदाबाद के सत्यजीत मंजारिया (28, मूल रूप से अमरेली के रहने वाले); सूरत के पंकजकुमार रमानी (39, मूल रूप से राजकोट जिले के रहने वाले); और सूरत के विवेक बेल्डिया (30, मूल रूप से भावनगर जिले के रहने वाले) के रूप में हुई।
साइबर क्राइम सेल ने लोगों से अपील की कि वे कमीशन के लिए अपने बैंक अकाउंट दूसरों को न सौंपें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है और अकाउंट होल्डर को उन अकाउंट से किए गए लेन-देन के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।