हार्दिक ने माया कोडनानी के बरी होने पर जताई हैरानी

2002 में हुए नरोदा पाटिया नरसंहार मामले में आज गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

Update: 2018-04-20 18:47 GMT

नई दिल्ली। 2002 में हुए नरोदा पाटिया नरसंहार मामले में आज गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सूबे की पूर्व मंत्री माया कोडनानी को बरी कर दिया है जबकि बाबू बजरंगी 21 साल कैद की सजा सुनाई है।

 इस फैसले से जहां बीजेपी उत्साहित है तो वहीं पाटीदार नेता हार्दिक पटेल इस फैसले को टेढ़ी नज़रों से देख रहे हैं।

नरोदा पाटिया दंगा मामले में आज गुजरात हाईकोर्ट ने तत्कालीन मोदी सरकार में मंत्री रही माया कोडनानी को बड़ी राहत देते हुए उन्हें निर्दोष ठहराया है लेकिन लगता है कि पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को हाईकोर्ट का ये फैसला रास नहीं आ रहा इसीलिए तो हार्दिक ने अदालत के निर्णय पर नाखुशी जताते हुए सवाल उठाए हैं कि जब बाबू बजरंगी को 21 साल की सज़ा सुनाई गई तो माया कोडनानी को बरी कैसे कर दिया गया।

कोर्ट ने माया को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। कोर्ट ने माना है कि माया दंगास्थल पर मौजूद नहीं थी जबकि करीब 11 गवाह ऐसे हैं, जिन्होंने माया कोडनानी के मौके पर होने की बात कही है। लेकिन अदालत ने तमाम दलीलों, तर्कों को खारिज करते हुए उन पर निर्दोष होने का ठप्पा लगा दिया है। जबकि निचली अदालत ने माया कोडनानी को 28 साल जेल की सज़ा सुनाई थी।

हाईकोर्ट के इसी फैसले पर हार्दिक ने हैरानी जताई है और फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्यायपालिका पर भरोसा करना ही पड़ता है।

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