जैव कचरे को जैव ईंधन में परिवर्तित करने के लिए भारी निवेश कर रही है सरकार: पीएम मोदी
जैव ईंधन के उत्पादन से अगले चार साल वर्ष के दौरान 12 हजार करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत करने का लक्ष्य हासिल करने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सरकार ने भारी भरकम निवेश
नयी दिल्ली। जैव ईंधन के उत्पादन से अगले चार साल वर्ष के दौरान 12 हजार करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत करने का लक्ष्य हासिल करने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सरकार ने भारी भरकम निवेश के साथ 12 अत्याधुनिक तेल शोधन कारखाने स्थापित करने की योजना बनाई है।
बायोफ्यूल से बदलाव की क्रांति घर-घर सिर्फ सरकार के प्रयासों से नहीं पहुंच पाएगी, बल्कि इसमें छात्रों की, शिक्षकों की, वैज्ञानिकों की, उद्यमियों की, जन-जन की भागीदारी अहम है। यहां मौजूद सब से आग्रह है कि गांव-गांव तक बायोफ्यूल के लाभ पहुंचाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करें: पीएम pic.twitter.com/ztfF2z5RNL
पीएम मोदी ने आज यहां ‘विश्व जैव ईंधन दिवस’ पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जैव कचरे को जैव ईंधन में परिवर्तित करने के लिए भारी निवेश कर रही है। जैव ईंधन के लिए 12 तेल शोधन कारखाने स्थापित करने की योजना तैयार की गयी है। ये कारखाने आधुनिक प्रौद्योगिकी से युक्त होंगे और इनमें रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
बीते चार वर्षों में इथेनॉल का रिकॉर्ड उत्पादन किया गया है। इथेनॉल ने देश के न सिर्फ किसानों को लाभ पहुंचाया बल्कि देश का पैसा भी बचाया है। पिछले वर्ष देश को लगभग 4,000 करोड़ रुपए के बराबर की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है : प्रधानमंत्री श्री @narendramodi #WorldBiofuelDay pic.twitter.com/Ztd9ccxo1B
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनधन, वंदन और गोबरधन जैसी योजनाओं से करोड़ों गरीबों, आदिवासियों और किसानों के जीवन में बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन का भरपूर इस्तेमाल के लिए छात्रों, अध्यापकों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और आम जनता की भागीदारी जरुरी है। उन्होने सभी लोगों से जैव ईंघन के लाभ गांवों तक पहुंचाने की अपील की।
बायोफ्यूल सिर्फ विज्ञान नहीं है बल्कि वो मंत्र है जो 21वीं सदी के भारत को नई ऊर्जा देने वाला है। बायोफ्यूल यानि फसलों से निकला ईंधन, कूड़े-कचरे से निकला ईंधन। ये गांव से लेकर शहर तक के जीवन को बदलने वाला है: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी pic.twitter.com/dyAgRowm6j
उन्होंने कहा कि पिछले साल जैव ईंधन के इस्तेमाल से 4000 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। अगले चार साल में यह आंकडा 12 हजार करोड़ रुपए तक ले जाने की योजना तैयार की गयी है।
पीएम मोदी ने कहा कि 21 वीं सदी में भारत के विकास को जैव ईंधन एक नयी गति दे सकता है। फसलों से जैव ईंधन तैयार किया जा सकता है जिससे गांवों और शहरों में लोगों के जीवन में भारी परिवर्तन किया जा सकता है।
उन्होंने इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय जैव ईंधन 2018’ पुस्तिका का लोर्कापण किया। समारोह में किसान, वैज्ञानिक, उद्यमी, छात्र, सरकारी अधिकारी और सांसद भी मौजूद थे।