ऑटो गैंग के लुटेरों ने दिया लूट को अंजाम
गाजियाबाद ! इंदिरापुरम गौड़ ग्रीन चौराहे के पास ऑटो गैंग के लुटेरों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को चाकू मारकर लैपटाप, मोबाइल और पर्स लूट को अंजाम दिया।
सीमा विवाद में पीडि़त को 48 घंटे टहलाती रही पुलिस
गाजियाबाद ! इंदिरापुरम गौड़ ग्रीन चौराहे के पास ऑटो गैंग के लुटेरों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को चाकू मारकर लैपटाप, मोबाइल और पर्स लूट को अंजाम दिया। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीडि़त 48 घंटे से इंदिरापुरम, नोएडा व दिल्ली पुलिस के चक्कर काट रहा है, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। सीमा विवाद में सभी दूसरे थाने की घटना बताकर टरका रहे हैं।
दिल्ली के अशोक नगर निवासी कृष्णा मिश्र नोएडा सेक्टर-63 की कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शुक्रवार रात करीब नौ बजे वह आनंद विहार जाने के लिए नोएडा सेक्टर-62 में ऑटो में बैठे। ऑटो में पहले से दो लोग थे। एनएच-नौ (एनएच-24) पर चलने के बाद ऑटो चालक ने जाम का बहाना बनाकर गौड़ ग्रीन चौराहे से ऑटो इंदिरापुरम की ओर घुमाया। ऑटो चालक ने वैशाली होते हुए आनंद विहार जाने की बात कही। गौड़ ग्रीन चौराहा के पास सर्विस रोड पर पहुंचते ही ऑटो में बैठे उन दो लोगों ने कृष्णा के गले पर चाकू रखा और लैपटॉप, मोबाइल और पर्स लूटने लगे। लूटपाट का विरोध किया, तो चाकू सिर पर मार दिया। तेज वार से उनका सिर भारी हो गया। उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। पूरी तरह से ठीक हुए तो उन्होंने खुद को दिल्ली स्थित गाजीपुर थाने के पास सडक़ किनारे पड़ा पाया। लैपटाप, मोबाइल और पर्स भी गायब था। फौरन गाजीपुर थाने में शिकायत दी और खिचड़ीपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल में इलाज कराया। पीडि़त इंजीनियर के मुताबिक इलाज के बाद गाजीपुर थाना पुलिस उन्हें घटनास्थल लेकर गई और मामला इंदिरापुरम थाने का बताने लगी। गाजीपुर पुलिस ने उन्हें इंदिरापुरम थाने पहुंचाया, जहां थाना पुलिस ने नोएडा या गाजीपुर का मामला बताकर उन्हें लौटा दिया। फिर वह रात में नोएडा सेक्टर-58 और गाजीपुर थाना गए। वहां भी कुछ न हुआ। कार्रवाई के लिए थानों के चक्कर काटते-काटते सुबह हो गई। शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे दोबारा इंदिरापुरम थाने पहुंचे। पुलिस ने तहरीर पर मुहर लगाकर लौटा दिया। दोपहर को इंदिरापुरम पुलिस ने उन्हें कॉल कर बुलाया और पीसीआर 46 से खोड़ा थाना ले जाकर पकड़े गए दो बदमाशों की पहचान कराई, लेकिन वे लुटेरे दूसरे थे। पुलिस उन्हें इंदिरापुरम थाने ले आई। वहां पुलिस ने मामला गाजीपुर थाने का बताया और बैरंग वापस भेज दिया। वह गाजीपुर थाने गए, तो वहां की पुलिस ने इंदिरापुरम का मामला होने की बात कर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहां की पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। अगर जांच में मामला इंदिरापुरम थाना का निकलता, तो विवेचना स्थानांतरित करानी चाहिए।
अनिल यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी, इंदिरापुरम