जयललिता के निधन की सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर

मदुरै ! तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की रहस्यमयी मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराये जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका आज मदुरै स्थित मद्रास उच्च न्यायालय में दायर की गयी।;

Update: 2017-01-07 04:57 GMT

मदुरै !  तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की रहस्यमयी मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराये जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका आज मदुरै स्थित मद्रास उच्च न्यायालय में दायर की गयी। 
वकील और अन्नाद्रमुक के पूर्व पंचायत यूनियन के पार्षद टी रामासामी ने अपनी याचिका में कहा कि जब सुश्री जयललिता मई 2016 में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रही थी तब वह स्वस्थ और काफी सक्रिय थीं। हालांकि पिछले 22 सितम्बर को एक खबर फैली कि बुखार और पानी की कमी की वजह से उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अगले दिन अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री को बुखार नहीं है लेकिन वह निगरानी में है और वह सामान्य आहार ले रही हैं। 
हालांकि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से या उपरोक्त मुद्दों के संबंध में राज्यपाल के कार्यालय से कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई। तमिलनाडु के लोगों का मानना था कि वह अगले कुछ दिनों तक अपने सामान्य कामकाज पर लौट आयेंगी लेकिन अस्पताल प्रबंधक ने कहा कि सुश्री जयललिता को उपचार और आवश्यक परीक्षण के लिए अस्पताल में कुछ दिन और रहने की सलाह दी गई है। 
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, राज्य के शीर्ष अधिकारियों और कार्यवाहक राज्यपाल आदि ने अस्पताल का दौरा किया लेकिन उन्हें सुश्री जयललिता को देखने की अनुमति नहीं दी गयी। अस्पताल अधिकारी लगातार प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह सूचित करते रहें कि सुश्री जयललिता के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है और वह पुन: अपने सामान्य कामकाज पर लौट आयेंगी। 
उन्होंने कहा कि लेकिन इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पांच दिसम्बर को रात साढ़े 11 बजे सुश्री जयललिता की हृदय गति रुकने से निधन होने की घोषणा की। यह आम लोगों के लिए आश्चर्य में डालनेवाली खबर थी। सुश्री जयललिता के निधन के समय कुछ ऐसे लोग वहां मौजूद थे जो उनकी नजर में अपना भरोसा खो चुके थे और उन्हें एक समय सुश्री जयललिता ने अपने घर से भी निकाल दिया था। 
उन्होंने कहा कि इस स्थिति में उच्च न्यायालय को एक आदेश पारित करना चाहिये जिसमें केंद्रीय गृह सचिव और तमिलनाडु के मुख्य सचिव सीबीआई को अस्पताल से जयललिता के इलाज संबंधी सभी दस्तावेज अपने पास लेने का निर्देश देना चाहिये ताकि वह इस संबंध में जांच कर सके और दोषियों को सजा मिल सके। 

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