बंगाल में टीएमसी नेताओं पर शिकंजा, तीन पूर्व विधायक समेत 10 नेता गिरफ्तार; कई मामलों की जांच तेज
पश्चिम बंगाल में गबन, वसूली, धमकी और मारपीट के आरोपों में टीएमसी के तीन पूर्व विधायक समेत 10 नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। वहीं मदन मित्रा के आवास पर छापेमारी और पूर्व मंत्री अरूप बिश्वास के खिलाफ एफआईआर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।;
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेताओं पर कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। पुलिस ने गबन, वसूली, धमकी, मारपीट और अन्य आरोपों से जुड़े मामलों में टीएमसी के तीन पूर्व विधायकों समेत 10 नेताओं को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों ने राज्य की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए नेताओं पर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से लेकर रंगदारी और हिंसा जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
राहत सामग्री गबन मामले में पूर्व विधायक गिरफ्तार
पूर्वस्थली उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व टीएमसी विधायक तपन चट्टोपाध्याय को राहत सामग्री के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को उनके आवास पर छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री के तिरपाल और कई फुटबॉल बरामद किए जाने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी वितरण के लिए भेजी गई सामग्री निजी कब्जे में कैसे पहुंची। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेज और बरामद सामान की जांच की जा रही है।
प्रयागराज से पकड़े गए पूर्व विधायक खोकन दास
बर्धमान दक्षिण के पूर्व विधायक खोकन दास को वसूली और धमकी देने के आरोपों में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज थीं, जिनकी जांच के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य मामलों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस से मारपीट के आरोप में एक और गिरफ्तारी
हुगली जिले के चुंचुड़ा के पूर्व विधायक असित मजूमदार को पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इसके अलावा वसूली, धमकी और मारपीट के विभिन्न मामलों में टीएमसी के सात अन्य नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मदन मित्रा के आवास और कार्यालय पर पुलिस की छापेमारी
इसी बीच बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा के कामरहाटी स्थित आवास और पार्टी कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो भवन बंद मिला, जिसके बाद अधिकारियों ने ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस उस भूमि की वैधता की जांच कर रही है, जिस पर यह भवन बना हुआ है। आरोप है कि संबंधित जमीन किसी केंद्रीय एजेंसी के स्वामित्व वाली हो सकती है। तलाशी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
मेसी कार्यक्रम विवाद में पूर्व मंत्री पर एफआईआर
राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास की मुश्किलें भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोन मेसी के प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़े कथित कुप्रबंधन मामले में बिधाननगर दक्षिण थाना पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता और कार्यक्रम के आयोजक रहे शतद्रु दत्ता ने आरोप लगाया है कि उनके साथ रंगदारी, धोखाधड़ी, धमकी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी घटनाएं हुईं। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच कानून के अनुसार निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।